सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान ने एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत स्थापित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) को जनभागीदारी से जोड़ने और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। मंगलवार को प्रदेश में संचालित 16 सीएफसी परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन केंद्रों का लाभ अधिक से अधिक कारीगरों, बुनकरों और सूक्ष्म उद्यमियों तक पहुंचाया जाए।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई सीएफसी में सीमित लाभार्थियों की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा योजनाओं का लाभ केवल कुछ लोगों तक सीमित रखने की नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर पारंपरिक उद्योगों और कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की है।
बुनकरों-कारीगरों के मुद्दों पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक में बुनकरों और कारीगरों ने बिजली, धागे की लागत, तकनीकी उन्नयन और बाजार प्रतिस्पर्धा से जुड़े मुद्दे उठाए। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने वर्षों तक फ्लैट रेट विद्युत योजना लागू रखकर बुनकरों को राहत दी है।
छोटे उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने की तैयारी
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उद्योग बंधु बैठकों का आयोजन सीएफसी परिसरों में किया जाए और बड़ी उद्योग इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर छोटे उद्यमियों को सप्लाई चेन और बड़े बाजार से जोड़ा जाए।
