विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने के शासन के आदेश के बाद डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय कार्य परिषद की अहम बैठक बुलाई है। जिसमें सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भी बुलाया गया है। बैठक 25 मई को प्रस्तावित है।
बैठक में छात्र-छात्राओं की सहूलियत, मौसम, संस्कृति और अनुशासन जैसे पहलुओं पर चर्चा होगी। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध कॉलेजों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड तय किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक आवासीय परिसर के विभागों और कॉलेजों का ड्रेस कोड अलग-अलग रखने का प्रस्ताव है। प्रोफेशनल कोर्सेज में भी कोर्स की जरूरत के हिसाब से ड्रेस तय की जा सकती है। मकसद शैक्षणिक माहौल में एकरूपता और अनुशासन लाना है।
क्यों जरूरी है ड्रेस कोड
विश्वविद्यालय का मानना है कि ड्रेस कोड से कैंपस में अनुशासन बढ़ेगा, छात्रों में समानता की भावना आएगी और बाहरी लोगों की पहचान आसान होगी। साथ ही फैशन की होड़ और आर्थिक भेदभाव पर भी रोक लगेगी।
कार्य परिषद की बैठक के बाद ड्रेस कोड की विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। इसमें रंग, डिजाइन और पहनावे के नियम स्पष्ट किए जाएंगे। छात्रों को नए सत्र से पहले इसकी जानकारी दे दी जाएगी।-विनय कुमार सिंह, कुलसचिव।
