गंगटोक, 20 जून (आईएएनएस)। भारतीय सेना ने सामाजिक सरोकार और शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत उत्तरी सिक्किम के लोअर जोंगू क्षेत्र में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र हॉस्टल के उन्नयन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह छात्रावास तार्यांग प्राइमरी स्कूल परिसर में स्थित है और दूर-दराज के लेपचा गांवों के बच्चों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराता है।
वर्ष 1976 में स्थापित तार्यांग प्राइमरी स्कूल लंबे समय से क्षेत्र के ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करता रहा है। हालांकि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, खराब मौसम, सीमित संपर्क व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यहां पढ़ने वाले छात्रों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। लगभग 35 छात्रों की क्षमता वाले इस छात्रावास में आवश्यक सुविधाओं का अभाव था, जिससे बच्चों के रहने और पढ़ाई के माहौल पर प्रभाव पड़ रहा था।
इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना ने छात्रावास के व्यापक विकास की योजना तैयार की। उन्नयन कार्य के तहत छात्रावास में स्वच्छ और आधुनिक शौचालय एवं साफ-सफाई की सुविधाएं विकसित की गईं। इसके अलावा रसोईघर और भोजन कक्ष को बेहतर बनाया गया, बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया तथा आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराया गया। छात्रों की पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल लर्निंग एड्स भी स्थापित किए गए हैं।
सेना ने बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेलकूद और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया है। साथ ही सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर की सीमा पर चेन फेंसिंग कराई गई है, जिससे छात्रावास अधिक सुरक्षित बन गया है।
इस अवसर पर भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा कि सेना और सिक्किम के लोगों के बीच संबंध हमेशा विश्वास, सम्मान और विकास की साझा भावना पर आधारित रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।
–आईएएनएस
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