नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। देश में मंहगाई को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश में मंहगाई के लिए भाजपा जिम्मेदार है।
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी प्रकार का युद्ध या वैश्विक संकट नहीं था, तब भी उत्तर प्रदेश में डाई अमोनियम फॉस्फेट और यूरिया की भारी कमी देखी गई थी। उन्होंने प्रयागराज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां खाद का संकट पहले से ही था और अब जब पश्चिमी एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है, तो इसका असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है।
सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने आशंका जताई कि आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति सामान्य नहीं है और सरकार सही जानकारी साझा नहीं कर रही है। उनके अनुसार, आम जनता को वास्तविक हालात से दूर रखकर भ्रमित किया जा रहा है।
सरकार की ओर से जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी माफ किए जाने के मामले पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर कहते हैं, “इससे जनता को कोई फायदा नहीं हो रहा है, बल्कि उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर, पूरे देश में कुकिंग गैस को लेकर भारी परेशानी है और आप, मैं और बाकी सभी लोगों को इन मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।”
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, “देश का हाल भाजपा ने खराब कर दिया है, जनता को लाइन में लगना पड़ रहा है, गैस के लिए लोग परेशान हैं और सरकार चुप बैठी है। कांग्रेस की सरकार आ रही है, भगवान भी सुरक्षित रहेंगे, भाजपा भी सुरक्षित रहेगी और जब राजनाथ सिंह आएंगे, तो उनका भी ख्याल रखा जाएगा।”
सपा सांसद राजीव राय ने कहा, “गलत जानकारी तो जमीन पर है। उनके मंत्री कहते हैं कि किसी प्रकार का संकट नहीं है लेकिन प्रधानमंत्री के क्षेत्र में लाइन लगी है। अगर कोई संकट नहीं है तो इस प्रकार से बैठक बुलाने या निर्देश देने का क्या मतलब है? सरकार को तो खुद जमीनी हकीकत नहीं पता है।”
वहीं शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सीएपीएफ रेगुलेशन बिल को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुरक्षा बलों में भी भेदभाव की नीति अपना रही है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा कि सीएपीएफ और आईपीएस के बीच असंतुलन पैदा किया जा रहा है और सीएपीएफ के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त चर्चा के इस बिल को पारित किया जा रहा है।
इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आज़ाद ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी बातों को ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि वह सभी वर्गों की नेता हैं और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ है।
–आईएएनएस
एसएके/पीएम
