अबू धाबी, 7 अगस्त (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने शुक्रवार को सऊदी अरब के नज्रान क्षेत्र पर हुए हूती के हमले की कड़ी निंदा की। यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं और उसकी सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए खतरा पैदा करते हैं।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने दोहराया कि यूएई सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ा है और उसकी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यमनी सशस्त्र बल जल्द ही एक बयान जारी करेंगे, जिसमें एक ‘विशेष सैन्य अभियान’ की घोषणा की जाएगी।
हूती समूह ने बुधवार को दावा किया था कि उसने अदन की खाड़ी में एक सऊदी तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले ही उसने उत्तर लाल सागर में एक अन्य सऊदी टैंकर पर अलग मिसाइल हमले का भी दावा किया था।
सरी के अनुसार, ‘डेजी’ नाम के टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद उसे वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यह हमला सऊदी अरब के खिलाफ घोषित समुद्री नाकेबंदी का हिस्सा था, जिसे हूती समूह ‘नाकेबंदी के जवाब में नाकेबंदी’ की नीति के तहत लागू कर रहा है।
सरी ने बताया कि ‘वफा’ नामक एक अन्य टैंकर को सऊदी अरब के प्रमुख लाल सागर बंदरगाह शहर यानबू के तट के पास बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया।
मंगलवार को हूती समूह ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के नजरान हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले की जिम्मेदारी भी ली थी। समूह का कहना था कि यह हमला यमन के हवाई क्षेत्र में कथित सऊदी ड्रोन घुसपैठ के जवाब में किया गया।
ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हूती समूह और सऊदी अरब के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। 20 जुलाई को हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। समूह का आरोप है कि सऊदी अरब ने हूती नियंत्रित इलाकों की नाकेबंदी कर रखी है।
इसके बाद से हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर कई मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी यमन में हूती समूह के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर फिर से हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।
–आईएएनएस
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