जयपुर, 10 अप्रैल (केसरिया न्यूज)। सैन्य परिवारों के कल्याण को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जयपुर के 12वीं कक्षा के दो छात्रों ने एक एआई आधारित प्लेटफॉर्म लॉन्च किया।
इस मौके पर राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे। कनिष्क रुंगटा और कृषा रुंगटा द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों, विधवाओं और आश्रितों को सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है।
यह ऐप उपयोगकर्ताओं के इनपुट के आधार पर उन्हें संबंधित योजनाओं और आवेदन लिंक तक सरल तरीके से पहुंचाता है। लॉन्च के कुछ ही समय में इस प्लेटफॉर्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और 2,000 से अधिक परिवार इसका लाभ उठा चुके हैं।
मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म एक वास्तविक जरूरत को पूरा करता है और जनसेवा में तकनीक के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है। उन्होंने ‘वीर सहारा’ नामक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को सैन्य कल्याण व्यवस्था के लिए एक नवाचारी और व्यावहारिक समाधान बताया, जिसका व्यापक सामाजिक प्रभाव भी हो सकता है।
उन्होंने कहा, “यह युवा छात्रों की सराहनीय पहल है, जिन्होंने संवेदनशीलता और उद्देश्य के साथ तकनीक का उपयोग किया है। ‘वीर सहारा’ उपयोग में आसान है और समय की जरूरत को पूरा करता है। इससे रक्षा परिवारों को योजनाओं और लाभों तक सम्मान और पारदर्शिता के साथ पहुंचने में मदद मिलेगी।”मंत्री ने सुझाव दिया कि इस मॉडल को शासन के अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में भी इसी तरह का प्लेटफॉर्म विकसित किया जा सकता है, जिससे नागरिकों, उद्यमियों और व्यवसायों को सरकारी योजनाओं और नीतियों तक आसानी से पहुंच मिल सके।
कनिष्क रुंगटा ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का विचार उन कठिनाइयों से प्रेरित है, जिनका सामना लाभार्थियों को जटिल प्रक्रियाओं के कारण करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “वीर सहारा हमारा प्रयास है कि कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच को सरल और समझने योग्य बनाया जाए।”वहीं कृषा रुंगटा ने कहा, “यह प्लेटफॉर्म सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मानजनक और सुलभ व्यवस्था बनाने का प्रयास है, जिन्होंने देश के लिए बहुत कुछ दिया है।”
‘वीर सहारा’ प्लेटफॉर्म का उद्देश्य जटिलता कम करना, जागरूकता बढ़ाना और बिचौलियों पर निर्भरता घटाकर रक्षा परिवारों के लिए योजनाओं तक पहुंच को आसान बनाना है।
–केसरिया न्यूज
