वाशिंगटन, 31 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक प्रस्ताव रखा है। मंगलवार को ट्रुथ पोस्ट में उन्होंने जेट ईंधन की कमी से जूझ रहे देशों से कहा की कि अगर होर्मुज से तेल नहीं मिल पा रहा तो अमेरिका का रुख कर सकते हैं। दो अलग-अलग पोस्ट्स में उन्होंने फ्रांस और ब्रिटेन को जबरदस्त फटकार भी लगाई है।
ट्रंप ने तेल को लेकर कहा, “ब्रिटेन जैसे देश (जिसने ईरान को सत्ताच्युत करने की कार्रवाई में शामिल होने से इनकार कर दिया था) और जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए जेट फ्यूल नहीं हासिल कर पा रहे हैं, उनको मैं दो नसीहत दूंगा।
इसके बाद ट्रंप ने वो दो नसीहतें देते हैं। उन्होंने आगे लिखा, “पहली, चाहूंगा कि उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त तेल है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दूसरी नसीहत हौसला और हिम्मत दिखाने की कही। लिखा कि मेरी दूसरी सलाह है कि देर से ही सही लेकिन थोड़ी हिम्मत दिखाएं, होर्मुज जाएं और अपना हक ले लें।
ट्रंप आगे लिखते हैं कि आपको खुद के लिए लड़ना सीखना होगा। दावा किया कि हमेशा अमेरिका उनका साथ देने के लिए मौजूद नहीं रहेगा, ठीक वैसे ही जैसे आप उसके साथ खड़े नहीं हैं।
दुनिया को ललकारते और अपनी पीठ थपथपाते हुए ट्रंप ने अंत में लिखा, “ईरान कमजोर हो चुका है, वो तबाह कर दिया गया है। सबसे मुश्किल काम हमने कर दिया है। अब आप जाकर अपना तेल हासिल करने का हौसला दिखाना चाहिए।”
इसकी अगली पोस्ट में ट्रंप ने फ्रांस को फटकार लगाई है। नाराजगी जाहिर करते हुए उसे कोसा है। लिखा- फ्रांस ने इजरायल जा रहे उन विमानों को अपने इलाके के ऊपर से उड़ने नहीं दिया, जो सैन्य सामान से लदे हुए थे। “ईरान के कसाई” को खत्म करने के मामले में फ्रांस बिल्कुल भी मददगार साबित नहीं हुआ, जिसे आखिरकार हमने मार गिराया और इस रवैए को अमेरिका याद रखेगा!!!
ट्रंप ने उन यूरोपीय सहयोगियों के प्रति अपनी नाराजगी लगातार जाहिर की है, जिन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियान में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है—खास तौर पर तब, जब उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए फिर से खोलने के बेहद खतरनाक प्रयासों में शामिल होने को लेकर अपनी आशंकाएं व्यक्त की थीं।
–आईएएनएस
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