अयोध्या, 27 जनवरी (आईएएनएस)। अयोध्या डिवीजन में उत्तर प्रदेश जीएसटी डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि उनका यह फैसला शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में है।
इस बीच अपने पद से इस्तीफा देने वाले जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह फोन पर पत्नी से बात करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने पत्नी को रोते हुए बताया कि मैंने सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया।
यह इस्तीफा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के उस आरोप के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मौनी अमावस्या के दौरान उन्हें और उनके शिष्यों को संगम घाट पर पवित्र डुबकी लगाने से रोका गया था। उन्होंने आगे दावा किया कि घटना के दौरान प्रशासन ने उनके शिष्यों के साथ मारपीट की थी।
हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद रथ पर सवार होकर संगम घाट की ओर जा रहे थे, जिसकी इजाजत भारी भीड़ और धार्मिक सभा में भगदड़ के खतरे के कारण नहीं दी गई थी।
अधिकारियों ने कहा कि उनके शिष्यों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और उनमें से कुछ को नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद पुलिस ने दखल दिया और उन्हें रथ का इस्तेमाल करने के बजाय वापस जाने या पैदल जाने को कहा।
इसके बाद विवाद और बढ़ गया, जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ‘शंकराचार्य’ उपाधि पर सवाल उठाए गए, क्योंकि उपाधि की वैधता को लेकर विवाद अभी भी सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है।
बढ़ते विवाद के बीच प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा सीधे राज्यपाल को भेज दिया। दो पेज का इस्तीफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में दिया गया।
प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे में कहा कि शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जो अपमानजनक बातें कहीं, उससे उन्हें बहुत दुख हुआ है।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “मैं अयोध्या में डिप्टी कमिश्नर हूं। इस स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच में और मैं सरकार, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और इस देश के संविधान के समर्थन में काम कर रहा हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ‘अनर्गल बयानों’ से वे परेशान हो गए थे।
उन्होंने कहा, “ये बांटने वाले बयान हैं, और इसमें इतने बड़े राज्य के मुख्यमंत्री के चरित्र पर कमेंट करना शामिल है। यह सरकार हमारी भलाई करने वाली है, और हम इसके कर्जदार हैं। यह मेरा काम नहीं है कि मैं रोबोट या मशीन की तरह काम करूं, सिर्फ सरकार से सैलरी लूं। अगर कोई मेरे राज्य, मेरे मुख्यमंत्री या मेरे प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई गलती करता है तो मैं चुप नहीं रहूंगा।”
उन्होंने कहा, “मैं एक संवेदनशील व्यक्ति हूं, इसलिए मैं निश्चित रूप से विरोध करूंगा, लेकिन संवैधानिक दायरे में। मैंने सही तरीकों से गवर्नर को अपना इस्तीफा दे दिया है, और यह तय सरकारी प्रक्रिया के जरिए उन तक पहुंचेगा।”
पिछले दो दिनों में किसी वरिष्ठ अधिकारी का यह दूसरा इस्तीफा है। इससे पहले सोमवार को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी की बदली हुई गाइडलाइंस और शंकराचार्य के ‘अपमान’ का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
–आईएएनएस
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