Wednesday, January 14, 2026

नई दिल्ली में उत्तराखंड सीएम से मुलाकात के दौरान चकमा हत्याकांड का मुद्दा उठाएंगे त्रिपुरा के मुख्यमंत्री साहा


अगरतला, 14 जनवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बुधवार को अगरतला के बाहरी इलाके में स्थित नंदन नगर में बुधवार को एंजेल के परिवार के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

उन्‍होंने कहा कि वे हत्या की जांच में तेजी लाने के लिए नई दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ बैठक के दौरान त्रिपुरा की छात्रा एंजेल चकमा की हत्या का मुद्दा फिर से उठाएंगे।

देहरादून में नस्लीय भेदभाव से प्रेरित हमले में एंजेल चकमा की हत्या कर दी गई।

बाद में उन्‍होंने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में लिखा, “मैंने अगरतला के नंदननगर स्थित स्वर्गीय एंजेल चकमा के घर जाकर उनके शोक संतप्त माता-पिता और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। मैंने अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी इस मामले को उठाऊंगा ताकि जांच में तेजी लाई जा सके।”

साहा ने बाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह 18 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी का दौरा करेंगे और 19-20 जनवरी को सभी मुख्यमंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में भाग लेंगे, जिसके दौरान वह अपने उत्तराखंड समकक्ष के साथ एंजेल चकमा हत्याकांड पर चर्चा करेंगे।

साहा ने कहा, “मुख्यमंत्री धामी ने मुझे पहले ही सूचित कर दिया था कि पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और छठे आरोपी को पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा की गई है। घटना के बाद से मैं उत्तराखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क में हूं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, हमलावरों ने सबसे पहले एंजेल के छोटे भाई माइकल चकमा पर हमला किया और जब एंजेल ने अपने भाई को बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उस पर हिंसक हमला किया। यह घटना 9 दिसंबर को हुई है।

त्रिपुरा सरकार पहले ही एंजेल के परिवार को 5 लाख रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान कर चुकी है और आगे भी सहायता देने पर विचार कर रही है।

उत्तराखंड सरकार ने मृतक के परिवार को 4.12 लाख रुपए की अनुग्रह राशि भी प्रदान की है, जबकि त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) ने वित्तीय सहायता के रूप में 3 लाख रुपए दिए हैं।

24 वर्षीय एमबीए के अंतिम वर्ष के छात्र एंजेल चकमा ने देहरादून के एक अस्पताल में 18 दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद 26 दिसंबर को दम तोड़ दिया।

परिवार ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है।

इस हत्या से पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों में व्यापक आक्रोश फैल गया, जिसमें भाजपा, कांग्रेस, टिपरा मोथा पार्टी और वामपंथी दलों सहित लगभग सभी राजनीतिक दलों के कई मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने इसमें शामिल लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग की।

इस घटना की निंदा करने के लिए अगरतला और अन्य स्थानों पर कई संगठनों ने मोमबत्ती मार्च, मशाल रैलियां और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए।

इसी बीच, उत्तराखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य तरुण विजय ने भी हाल ही में एंजेल के परिवार से मुलाकात की और हत्यारों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की।

इस घटना की निंदा करते हुए विजय ने कहा था कि भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने इस मामले को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से कई बार बातचीत की है।

विजय ने एंजेल चकमा के छोटे भाई माइकल चकमा को त्रिपुरा में सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव भी रखा ताकि परिवार की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने नस्लीय दुर्व्यवहार और भेदभाव के मामलों से निपटने के लिए उत्तराखंड पुलिस के भीतर एक विशेष पूर्वोत्तर प्रकोष्ठ के गठन का भी सुझाव दिया।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी


Related Articles

Latest News