टॉस अहम था, एमआई बल्ले से 10-15 रन पीछे रह गई: दीपक चाहर


नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मुंबई इंडियंस (एमआई) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 8वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के हाथों 6 विकेट से शिकस्त का सामना करना पड़ा। एमआई के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने माना कि टॉस ने एक निर्णायक भूमिका निभाई। चाहर के मुताबिक, नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में धीमी काली मिट्टी वाली पिच पर टीम बल्ले से 10-15 रन पीछे रह गई, जो बाद में लाइट्स के नीचे बल्लेबाजी के लिए बेहतर हो गई।

बीमार हार्दिक पांड्या के स्थान पर डीसी के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने एमआई की कमान संभाली। उन्होंने 36 गेंदों में 51 रन बनाए। उनके अलावा, रोहित शर्मा ने 35 रन का योगदान टीम के खाते में दिया, लेकिन उनके अलावा, एमआई के ज्यादातर अन्य बल्लेबाजों को अपने शॉट्स खेलने में संघर्ष करना पड़ा, जिससे टीम 162/6 का स्कोर ही बना पाई। चाहर को खुद पावर-प्ले में पिच से मदद मिली और उन्होंने केएल राहुल को भी आउट किया, लेकिन समीर रिजवी के 90 रनों की बदौलत डीसी ने 11 गेंदें शेष रहते ही जीत हासिल कर ली।

मुकाबले के बाद चाहर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मुझे लगता है कि पिच सचमुच बहुत धीमी थी और टॉस अहम था। वहां थोड़ी नमी थी। उन्होंने धीमी शुरुआत की, और आप नमी को महसूस कर सकते थे। उस समय टॉस बहुत अहम था, और इसीलिए हम 10-15 रन पीछे रह गए।”

चाहर ने समझाया कि दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए हालात कैसे बेहतर हो गए। उन्होंने कहा, “पिच थोड़ी बेहतर हो गई। जब पिच सूखी होती है, तो दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना ज्यादा मुश्किल होता है। जब पिच में नमी होती है, तो दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना बेहतर हो जाता है। मुझे लगता है कि इसमें थोड़ी नमी थी, और जब धूप निकली और पारी के ब्रेक के दौरान पिच पर थोड़ी रोलिंग की गई, तो बल्लेबाजी करना बेहतर हो गया।”

चाहर ने मैच का रुख पलटने का श्रेय समीर रिजवी की पारी को दिया। उन्होंने कहा, “हां, हमने पूरी कोशिश की क्योंकि दोपहर के मैच में 160 रन बचाना सच में बहुत मुश्किल होता है। रिजवी ने बहुत अच्छा खेला। अगर हम उन्हें 10 ओवर के आस-पास जल्दी आउट कर लेते, तो मैच बहुत दिलचस्प हो जाता।”

तेज गेंदबाज ने कम स्कोर को बचाने की चुनौती के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “टी20 में, किसी भी फॉर्मेट में विकेट लेने वाली गेंदें जोखिम भरी गेंदें होती हैं, लेकिन जब आप 160 रन बचा रहे होते हैं, तो आप ऐसी विकेट लेने वाली गेंद नहीं डाल सकते। एक गेंदबाज के तौर पर, आप सोचते हैं कि आप जितनी ज्यादा डॉट बॉल डालेंगे, बल्लेबाज पर उतना ही ज्यादा दबाव पड़ेगा। वे लगातार बाउंड्री लगा रहे थे। ऐसा नहीं है कि हमने खराब गेंदबाजी की, क्योंकि एक गेंदबाज के तौर पर हम देखते हैं कि हम अपनी योजनाओं को ठीक से लागू कर पाए।”

–आईएएनएस

आरएसजी


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