भारत के तीन और रत्न, अपने कार्यों से देश पर छोड़ी गहरी छाप

भारत रत्न का अर्थ उन व्यक्तियों को सम्मानित करना होता है जिन्होंने किसी न किसी रूप में राष्ट्र की प्रगति में असाधारण योगदान दिया हो। भारत की कृषि नीतियों को आकार देने और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने में चौधरी चरण सिंह की भूमिका इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के मानदंडों के साथ सहजता से मेल खाती है। निःसंदेह यही बात पीवी नरसिंह राव और एमएस स्वामीनाथन पर भी लागू होती है।

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