देश में ईंधन की कोई कमी नहीं, एलपीजी का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध : केंद्र


नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और अगले दो महीनों तक कच्चे तेल की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को दी गई।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की मार्केट एवं रिफाइनरी संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सभी रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं और रिटेल आउटलेट पर ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान कहा, “मैं यह भी बताना चाहूंगी कि लगभग दो महीने पहले ब्रेंट क्रूड लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, जबकि आज यह 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है। इस वृद्धि के बावजूद, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।”

उन्होंने आगे कहा कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री में तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को अंडर रिकवरी का सामना करना पड़ रहा है।

एलपीजी के बारे में शर्मा ने कहा कि आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

शर्मा के मुताबिक, “एलपीजी के आयात पर हमारी निर्भरता लगभग 60 प्रतिशत है। पिछले महीने की तुलना में, अंतरराष्ट्रीय कीमतें, विशेष रूप से सऊदी सीपी बेंचमार्क की कीमतों में बड़ी वृद्धि हुई है, जो 522 डॉलर से बढ़कर 44 प्रतिशत बढ़कर 780 डॉलर हो गई है। इसके बावजूद, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।”

इस बीच, सरकार ने प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और मार्च में 3.3 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र के लिए जरूरी सीएनजी की भी शत प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

इससे पहले दिन में, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश में केवल वाणिज्यिक एलपीजी की कीमत बढ़ाई गई है, जबकि घरेलू एलपीजी की कीमत अपरिवर्तित रखी गई है ताकि ईरान युद्ध के कारण आयातित खाना पकाने की गैस की बढ़ती कीमतों से परिवारों को बचाया जा सके।

मंत्रालय ने आगे कहा कि मौजूदा कीमतों पर, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को प्रति सिलेंडर 380 रुपए का घाटा हो रहा है।

–आईएएनएस

एबीएस/


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