लखनऊ, 12 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के 9.12 लाख करोड़ रुपए के बजट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक ओर सत्ता पक्ष इसे विकास, रोजगार और सशक्तीकरण का रोडमैप बता रहा है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) इसे ‘ढकोसला बजट’ करार दे रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आईएएनएस से कहा, “अब उनके पास केवल विरोध करने के अलावा कुछ बचा नहीं है। उनके विधायक विधानसभा में कहते हैं कि सब कुछ अच्छा है और सरकार को धन्यवाद देते हैं। उनके विधायक खुद बजट की तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि बजट अच्छा है।”
मंत्री अनिल राजभर ने निशाना साधते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी की परेशानी यह है कि उत्तर प्रदेश का बजट अब पाकिस्तान के बजट से बड़ा हो गया है। सरकार ने ऐसा बजट पेश किया है, जो राज्य के समग्र विकास, महिलाओं के सशक्तीकरण, युवाओं को रोजगार देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए है। यही वजह है कि खासकर समाजवादी पार्टी चिंतित है।”
मंत्री संजय निषाद ने कहा, “बजट में जनता से जो वादा किया गया था, वह पूरा किया गया है। हमने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है।” उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि अगर इन्होंने अच्छा बजट पेश किया होता, तो जनता इन्हें सत्ता से बाहर क्यों करती?
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के विधायक राहुल लोधी ने बजट पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “आज तक कोई एक वादा पूरा नहीं हुआ है। मैं जनता से कहना चाहता हूं कि इस ‘ढकोसला बजट’ पर भरोसा न करें। समाजवादी पार्टी पर भरोसा करके चुनाव जिताएं, ताकि आपके सारे सपने पूरे किए जा सकें।”
सपा के उपमुख्य सचेतक आरके वर्मा ने 9.12 लाख करोड़ रुपए के बजट को वित्तीय अनुशासन से रहित बताया। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। प्रदेश के बेरोजगार युवा जो सूरत में कंपनियों में काम करने जाते हैं, पूछ रहे हैं कि हमारी प्रदेश वापसी कब होगी? जो युवा मुंबई में सरकारी ठेके पर टैक्सी चलाते हैं, वे भी पूछ रहे हैं कि हम कब लौटेंगे?”
सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि अखिलेश यादव ने कहा है कि 2017 से 2027 तक बजट का कोई बड़ा उपयोग नहीं हुआ। कई विभागों ने केवल 20-30 प्रतिशत राशि ही खर्च की है और कोई भी विभाग आधे से ज्यादा खर्च नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि बजट पर चर्चा जारी है और आगे भी मुद्दे उठाए जाएंगे।
–आईएएनएस
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