प्रशासन 'चुनाव प्रचार' के दौरान किए गए वादों को पूरी निष्ठा से लागू करेगा: सतीशन


तिरुवनंतपुरम, 29 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में राज्यपाल के संबोधन के बाद यूडीएफ सरकार के नीतिगत एजेंडे की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की और बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता और सामाजिक कल्याण सहित कई क्षेत्रों में व्यापक सुधारों का वादा किया।

इसे नई यूडीएफ सरकार का पहला राज्यपाल संबोधन बताते हुए सतीशन ने कहा कि प्रशासन चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को पूरी निष्ठा से लागू करेगा और इस बात पर जोर दिया कि नीतिगत ढांचा जनता द्वारा दिए गए जनादेश को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जनता को एक नई दिशा का आश्वासन दिया गया था और यह सरकार ठीक वही देने का इरादा रखती है।

प्रमुख घोषणाओं में से एक राज्य सरकार की केरल को एशिया का सबसे बड़ा विमानन केंद्र बनाने की महत्वाकांक्षा थी, जिसके लिए राज्य के चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने 10,000 लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए समर्थन, कृषि अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के उपाय, सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा पर विशेष जोर देने की घोषणा की, जिसे सतीशन ने विश्व भर में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे अभूतपूर्व विकास के रूप में वर्णित किया।

मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और सतत विकास शासन के केंद्रीय स्तंभ होंगे, साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि मादक पदार्थों के माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बढ़ते मानव-पशु संघर्ष से प्रभावित तटीय समुदायों और परिवारों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी राज्य बजट में स्वास्थ्य सेवा, एआई-आधारित विकास, भूमि बैंक निर्माण और संशोधित भूमि उपयोग नीतियों के माध्यम से बागान क्षेत्र में सुधार को प्रमुखता दी जाएगी।

राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए कल्याणकारी उपाय और रोजगार सृजन भी शामिल हैं।

पिछली एलडीएफ सरकार द्वारा अपनाए गए विवादास्पद केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) मॉडल पर, सतीशन ने कहा कि इसके भविष्य के स्वरूप का अध्ययन करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर प्रशासन में सुधार और राजस्व के नए स्रोतों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए सतीशन ने कहा कि राज्य सरकार की जांच में कोई भूमिका नहीं है और इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक समर्थन से काम करने वाली केंद्रीय जांच एजेंसी को बाधित नहीं किया जा सकता है।

–आईएएनएस

एमएस/


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