टेक्सास के सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से की एच-वन वीजा धोखाधड़ी की अंतर संघीय जांच की अपील


वाशिंगटन, 7 मई (आईएएनएस)। टेक्सास के रिपब्लिकन सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से उत्तर टेक्सास में एचवन बी वीजा धोखाधड़ी की अंतर-संघीय जांच शुरू करने की अपील की। उनका तर्क है कि इस कार्यक्रम का दुरुपयोग अमेरिकी कर्मचारियों को नुकसान पहुंचा रहा है और अमेरिकी आव्रजन प्रणाली पर विश्वास को कमजोर कर रहा है।

सांसदों ने यह अपील उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, विदेश सचिव मार्को रुबियो, कार्यवाहक सचिव कीथ सॉन्डरलिंग और सचिव मुलिन को भेजे गए पत्र में की। टेक्सास की प्रतिनिधि बेथ वैन ड्यूने के नेतृत्व में यह पत्र लिखा गया किया। इस पर प्रतिनिधि पैट फेलन, रॉनी जैकसन और ब्रैंडन गिल ने भी हस्ताक्षर किए।

सांसदों का कहना है कि ये गतिविधियां डलास-फोर्ट वर्थ क्षेत्र के कॉलिन, डलास, डेंटन और टैरंट काउंटियों में केंद्रित हैं। उन्होंने लिखा, “नॉर्थ टेक्सास में इन गतिविधियों का होना सिस्टम के स्थानीय स्तर पर गलत इस्तेमाल को लेकर और चिंताएं पैदा करता है। उत्तरी टेक्सास हमारे देश का एक बड़ा आर्थिक हब है।”

उन्होंने कहा, “जब गलत लोग बड़े पैमाने पर वीजा के रास्तों में हेरफेर कर पाते हैं, तो इससे लोकल लेबर मार्केट बिगड़ जाते हैं, सैलरी कम हो जाती है और कानूनी इमिग्रेशन प्रोसेस में भरोसा कम हो जाता है।”

वैन ड्यूने ने कहा कि स्वतंत्र पत्रकारों की हाल की जांच ने उत्तर टेक्सास में एच वन बी वीजा कार्यक्रम के झूठे और घोर दुरुपयोग को उजागर किया है।

उन्होंने कहा, “मैं अपने उत्तर टेक्सास के सहयोगियों का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की अपील में मेरा साथ दिया, ताकि हमारे आव्रजन कानूनों के इन गंभीर उल्लंघनों की जांच और मुकदमा चलाया जा सके।

वैन ड्यूने ने कहा, “एच-1बी वीजा का गलत इस्तेमाल हमारे देश का अपमान है। यह अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान पहुंचाता है, सैलरी कम करता है, यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हो रहे स्टूडेंट्स को उनके पढ़ाई के क्षेत्र में नौकरी की उम्मीद नहीं रहती और इसे आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से खत्म किया जाना चाहिए।”

लॉमेकर्स ने टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट और टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन के पहले के एक्शन का भी जिक्र किया, जिन्होंने इस साल कथित एच-1बी गलत इस्तेमाल और लेबर डिस्प्लेसमेंट प्रैक्टिस की अलग-अलग जांच शुरू की थी।

संघीय एजेंसियों से आग्रह किया कि वे संयोजित अंतर-संस्थागत जांच करें, जिसमें नियोक्ता, थर्ड-पार्टी एजेंट और जुड़े संस्थान शामिल हों। वे यह भी चाहते हैं कि प्रशासन मौजूदा एचवन बी मंजूरी और सत्यापन प्रक्रियाओं की समीक्षा करे ताकि किसी भी धोखाधड़ीपूर्ण नौकरी प्रस्ताव, वेतन में गड़बड़ी या अनुचित श्रम शर्तों की पहचान की जा सके।

उन्होंने प्रवर्तन उपायों को मजबूत करने, एचवन बी प्रायोजकों के ऑडिट बढ़ाने और धोखाधड़ी करने वाले संस्थानों पर सख्त दंड लगाने की भी अपील की।

उनकी सिफारिशों में होमलैंड सिक्योरिटी, श्रम और राज्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय शामिल है, ताकि रोजगार की वैधता और वीज़ा अनुपालन का वास्तविक समय में सत्यापन संभव हो सके।

–आईएएनएस

केके/वीसी


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