हैदराबाद, 13 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने बुधवार को कहा कि आने वाले बकरीद त्योहार के दौरान राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग कड़े कदम उठा रहा है।
डीजीपी ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी जिलों के पुलिस कमिश्नरों और एसपी के साथ बैठक की।
इस बैठक में नगरपालिका और शहरी विकास विभाग के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन, पशुपालन विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में लिए गए फैसलों के अनुसार, पुलिस अधिकारियों को बकरीद के दौरान पशुओं की अवैध आवाजाही और तस्करी को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बकरीद कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक संवेदनशील त्योहार है, इसीलिए किसी भी तरह की सांप्रदायिक तनाव या झगड़े को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
हाल ही में अवैध पशु परिवहन की घटनाओं को देखते हुए यह वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई ताकि एसओपी को सही तरीके से लागू किया जा सके।
डीजीपी कार्यालय के बयान के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गाय वध अधिनियम 1977, पशु परिवहन नियम 1978 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाए। नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
डीजीपी ने बताया कि पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की सीमाओं पर 52 अंतर-राज्यीय चेक पोस्ट बनाए गए हैं। इसके अलावा राज्य में कुल 203 चेक पोस्ट लगाए गए हैं ताकि अवैध पशु तस्करी रोकी जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को संदिग्ध इलाकों में वाहनों की जांच बढ़ाने और अगले 15 दिनों तक विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने यह भी कहा कि पशु परिवहन से जुड़े ‘फिट फॉर ट्रांसपोर्ट’ और ‘फिट फॉर स्लॉटर’ प्रमाण पत्रों की हर चेक पोस्ट पर कड़ाई से जांच की जाए। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी व्यक्ति या समूह कानून अपने हाथ में न ले।
उन्होंने कुरैशी संगठनों और गौ रक्षा समूहों से अपील की कि वे केवल संदेह के आधार पर सड़क जाम या टकराव की स्थिति न बनाएं। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ केस दर्ज किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी।
डीजीपी ने पुलिस कमिश्नरों और जिला एसपी को निर्देश दिया कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग समन्वय बैठकें कर गलतफहमियों को दूर किया जाए।
उन्होंने पुलिस, नगरपालिका, पशुपालन और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया और जानकारी साझा करने के लिए जिला स्तर पर विशेष व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जब्त किए गए पशुओं के लिए पर्याप्त आश्रय स्थल, चारा और पानी की व्यवस्था करने को भी कहा गया।
डीजीपी ने सोशल मीडिया पर भी सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए और कहा कि भड़काऊ या गलत जानकारी फैलाने वालों की पहचान कर उन्हें थाने बुलाया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
पिछले बकरीद के दौरान हुई घटनाओं को याद करते हुए डीजीपी ने कहा कि इस बार राज्य में कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए।
–आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
