चेन्नई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को कावेरी जल विवाद पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की चुनौती दी। उदयनिधि ने तीन महीने पुरानी तमिलनाडु सरकार पर किसानों की चिंताओं को दूर करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
विधानसभा में कृषि मंत्री आर. विनोद द्वारा तमिलनाडु सरकार का पहला कृषि बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उदयनिधि ने कहा कि नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
विनोद ने लगभग 129 मिनट का कृषि बजट भाषण दिया, जिसमें कृषि क्षेत्र के लिए योजनाओं और उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। हालांकि, उदयनिधि ने दावा किया कि बजट में किसानों के सामने आने वाले प्रमुख मुद्दों, विशेष रूप से फसल ऋण माफी और कावेरी जल पर स्पष्टता नहीं दी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों से किसान निराश हैं क्योंकि सरकार कृषि ऋण माफी के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने टीवीके सरकार पर पूर्व डीएमके सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का नाम बदलकर उन्हें दोबारा घोषित करने का भी आरोप लगाया।
उदयनिधि ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान पांच एकड़ तक की खेती करने वाले किसानों के फसल ऋण माफ करने का वादा किया था। लेकिन उन्होंने दावा किया कि इस वादे को पूरा करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
कावेरी विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक ने अपेक्षित जल नहीं छोड़ा है और आगे जल छोड़ने के संबंध में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।
उन्होंने विजय की कर्नाटक यात्रा के प्रस्तावित वार्ता कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने बाद में विजय को यात्रा न करने के लिए कहा और यह स्पष्ट किया कि अतिरिक्त जल नहीं छोड़ा जा सकता।
उदयनिधि ने कहा कि डीएमके ने राज्य के जल अधिकारों की रक्षा के लिए एकता प्रदर्शित करने हेतु कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की बार-बार मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर शुक्रवार को किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए एक तत्काल प्रस्ताव पेश करने की अनुमति मांगी है।
–आईएएनएस
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