चंडीगढ़, 20 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली महिला आयोग की पूर्व प्रमुख और राज्य सभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने पंजाब सरकार और अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा है। पंजाब में किसानों पर हुई कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि इसके पीछे केजरीवाल को फायदा पहुंचाने का मकसद छिपा है।
स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”किसानों पर देर रात हुए अत्याचार का मकसद हाईवे खुलवाना नहीं, केजरीवाल जी के लिए राज्यसभा का रास्ता खोलने का है। केजरीवाल जी को लगता है ऐसा करने से लुधियाना का व्यापारी खुश होगा, चुनाव जीतेंगे और अरोड़ा जी की राज्यसभा सीट खाली होगी।”
स्वाति मालीवाल ने पंजाब सरकार से सवाल किया कि जब किसान दिल्ली में बैठे थे तब पंजाब में चुनाव भी आने वाले थे। उस समय किसानों को खुश करने के लिए केजरीवाल ने खुद को सेवादार बताया था। अब जब किसान पंजाब में बैठे हैं, तो केजरीवाल ने आंदोलन को बातचीत से नहीं, जोर-जुल्म से खत्म करने का प्रयास किया। उन्होंने पूछा कि ऐसा दोहरा रवैया क्यों?
स्वाति मालीवाल ने कहा, ”वार्ता की जगह ऐसा तानाशाही मार्ग अपनाना केजरीवाल जी के गुस्से और बदले की भावना का एक और उदाहरण है।”
इस मामले पर पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा ने राज्य सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के साथ गलत कर रही है। पंजाब सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने कहा कि भगवंत मान जैसा बर्ताव कर रहे हैं, ऐसा बर्ताव अंग्रेज करते थे।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने किसानों पर कार्रवाई को गलत ठहराया और कहा कि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार मिले हुए हैं।
वहीं, शंभू और खनौरी बॉर्डर से किसानों को हटाने के सवाल पर तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने कहा, ”मैं इसकी निंदा करता हूं।”
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार संधवा ने किसानों से पंजाब का रास्ता खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि रास्ते बंद होने से व्यापार और उद्योग सेक्टर को झटका लगा है। इसके साथ ही नशे के खिलाफ कार्रवाई पर स्पीकर ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पूरा पंजाब एकजुट है।
–आईएएनएस
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