कोलकाता, 29 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सियासी सरगर्मी के बीच भाजपा ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने रविवार को कोलकाता स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि राज्य में विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है और लोकतंत्र के मूल अधिकारों का हनन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में असहमति का अधिकार अहम होता है, लेकिन पश्चिम बंगाल में विपक्ष को यह संवैधानिक अधिकार भी नहीं मिल पा रहा है।
भट्टाचार्य ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को राजनीतिक रैलियों और सभाओं की अनुमति लेने के लिए 104 से अधिक बार अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अधकारी को 11 महीने के लिए विधानसभा से निलंबित किया गया था, जो राज्य में राजनीतिक माहौल की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
भाजपा नेताओं ने 2021 के नंदीग्राम चुनाव के बाद अधकारी पर हुए हमले का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की थी।
भट्टाचार्य ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस को नंदीग्राम में अधकारी के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार खड़ा करने में मुश्किल हो रही है।
इस दौरान सुवेंदु अधकारी को भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक चुनाव चिह्न सौंपा गया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उनके गढ़ भवानीपुर से सीधे चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
चुनाव चिह्न मिलने के बाद अधिकारी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और फिर भवानीपुर के लिए रवाना होंगे।
अधकारी ने घोषणा की कि वह 30 मार्च को दोपहर 12 बजे हल्दिया में नंदीग्राम सीट से नामांकन दाखिल करेंगे।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर समेत कई नेता मौजूद रहेंगे।
भट्टाचार्य ने कोलकाता के 6, मुरलीधर सेन लेन स्थित भाजपा कार्यालय के ऐतिहासिक महत्व का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह पश्चिम बंगाल में पार्टी की आत्मा और ऊर्जा का केंद्र रहा है, जहां से कई वरिष्ठ नेताओं ने काम किया है।
हालांकि अब पार्टी की अधिकांश गतिविधियां साल्ट लेक स्थित नए कार्यालय से संचालित होती हैं, लेकिन यह पुराना मुख्यालय आज भी कार्यकर्ताओं के लिए भावनात्मक महत्व रखता है।
–आईएएनएस
डीएससी
