नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। राजा रघुवंशी मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी फिलहाल राहत जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मामले में सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर रोक लगाने वाला कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया। इसके साथ ही, कोर्ट ने मेघालय सरकार से गिरफ्तारी के समय आरोपी को दिए गए अरेस्ट मेमो और अन्य दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया। इस मामले में 14 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
मेघालय सरकार ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही है।
सुनवाई के दौरान, मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के दस्तावेजों में हुई टाइपिंग की गलती को प्रक्रियात्मक खामी मानकर जमानत को गलत तरीके से बरकरार रखा था।
इसे बहुत गंभीर मामला बताते हुए एसजी मेहता ने कहा कि गिरफ्तारी के लिखित आधार असल में आरोपी को दिए गए थे और एकमात्र विसंगति यह थी कि हत्या के अपराध से संबंधित धारा 103(1) के बजाय भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 403(1) का उल्लेख किया गया था।
सॉलिसिटर जनरल ने कहा, “लिखित आधार भी दिए गए थे। बस टाइपिंग की एक गलती हुई थी।” उन्होंने कहा कि इस बात पर कभी कोई विवाद नहीं रहा कि गिरफ्तारी के आधार आरोपी को बताए गए थे।
हालांकि, जस्टिस मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि मुद्दा सिर्फ कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने का नहीं था, बल्कि यह था कि क्या आरोपी को मामले की सामान्य पृष्ठभूमि के बारे में सूचित किया गया था।
एसजी मेहता ने दस्तावेजों का टाइप किया हुआ संकलन दाखिल करने की अनुमति मांगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार को सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी के समय उन्हें दिए गए मूल अरेस्ट मेमो और अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी पेश करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई के लिए तय करते हुए जस्टिस मिश्रा की बेंच ने कहा, “हमें यह देखना होगा कि यह आधार टिकने लायक है या नहीं।”
यह मामला इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है, जो मई 2025 में अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून के लिए मेघालय गए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रची और हनीमून पर जाने के बाद राजा की हत्या की गई।
हालांकि, सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में खुद को बेगुनाह बताया और आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपों के आधार पर उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता।
अपने हलफनामे में सोनम ने कहा कि उनसे अब कुछ भी बरामद नहीं किया जाना है। चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है और वह ट्रायल कोर्ट के निर्देशानुसार शिलांग में रहकर जमानत की शर्तों का पालन कर रही हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि उनकी ओर से सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है।
–आईएएनएस
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