औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्त ‘नन्दी’ ने कहा कि जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवाई वे क्या आएंगे रामलला का दर्शन करने। सपा नेतृत्व चाहता तो 1990 में कारसेवकों पर गोली चलाए जाने के आक्षेप से मुक्त होकर रामलला के सम्मुख शरणागत हो सकता था किंतु उसने साढ़े तीन दशक पुराने रामलला के प्रतिरोध के रुख पर कायम रहना उचित
