Tuesday, January 27, 2026

सपा नेता एसटी हसन ने मुरादाबाद में हिंदू नाबालिग को बुर्का पहनाने वाली लड़कियों का बचाव किया


मुरादाबाद, 27 जनवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हिंदू लड़की को बुर्का पहनाने के मामले में कार्रवाई के बाद दूसरे समुदाय की युवतियों का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि लड़की को जबरन बुर्का नहीं पहनाया जा रहा था। सामाजिक और कुछ संगठनों के दबाव के कारण लड़की ने जबरन बुर्का पहनाने वाला बयान दिया है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में एसटी हसन ने कहा, “वीडियो में ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा है। शुरुआत में उसने (हिंदू लड़की) खुद कहा था कि उसने अपनी मर्जी से बुर्का पहना था। बाद में लोगों के दबाव, सामाजिक दबाव और कुछ संगठनों के दबाव के कारण लड़की ने अपना बयान बदल दिया, क्योंकि उसे ऐसे दबावों से अपनी जान भी बचानी है।”

पांच मुस्लिम लड़कियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद उनका बचाव करते हुए एसटी हसन ने कहा, “सभी लड़कियां अपने दोस्तों के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में यह सब कर रही थीं। मेरी जानकारी के अनुसार, लड़की के कहने पर ही उसे बुर्का पहनाया गया। जब पूरी जांच होगी, तो सच्चाई साफ सामने आ जाएगी। अगर सीसीटीवी फुटेज में कुछ दिखता है, तो वह भी साफ हो जाएगा। वीडियो देखने के बाद भी हम देख सकते हैं कि कोई जबरदस्ती नहीं की गई थी। लड़की सहज और शांत दिख रही है।”

इसी बीच, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर भी एसटी हसन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सिटी मजिस्ट्रेट इस्तीफा देने की पेशकश कर रहे हैं। यह हम सभी के लिए बहुत गंभीर मामला है। यह दिखाता है कि ब्राह्मणों के साथ बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है। हम सब जानते हैं कि आज क्या हो रहा है, और जिस तरह से हमने संगम घाट पर कुंभ के दौरान शंकराचार्य के साथ अन्याय होते देखा, उससे सभी को दुख हुआ है।”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य की अधिकारियों के साथ हुई झड़प पर सपा नेता ने कहा, “योगी आदित्यनाथ भी एक संत हैं। उन्हें इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन अधिकारियों को सस्पेंड किया जाना चाहिए। और अगर कोई अपनी गलती के लिए माफी मांगता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। माफी मांगने से इंसान बड़ा बनता है। इसलिए मेरा मानना ​​है कि शंकराचार्य जैसी सम्मानित हस्ती के साथ, अगर माफी मांगी भी जाती है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।”

–आईएएनएस

डीसीएच/


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