Monday, February 16, 2026

दक्षिण कोरिया: अत्यधिक संक्रामक बर्ड फ्लू ने दी दस्तक, चपेट में आया बत्तख फार्म


सोल, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया में बेहद खतरनाक एवियन इंफ्लूएंजा के फैलने की खबर है। मंगलवार को साउथ जिओला प्रांत के एक बत्तख फार्म इसकी जद में आया। प्रशासन के मुताबिक इस मौसम में किसी भी पोल्ट्री फार्म को अपनी चपेट में लेने वाला ये 8वां मामला है।

योनहाप न्यूज एजेंसी ने कृषि क्षेत्र की प्रशासनिक गतिविधियों को देखने वाले अधिकारियों के हवाले से कहा कि सोल से 380 किलोमीटर दक्षिण में येओंगाम में इसका पता चला और यह इस सीजन में किसी बत्तख फार्म से मिला पहला मामला है।

अधिकारियों ने देश भर में सभी बत्तख फार्म, उनसे जुड़ी जगहों और गाड़ियों पर 24 घंटे रोक का आदेश जारी किया है।

सरकार ने कहा कि वह इस इलाके के सभी बत्तख फार्मों की अच्छी तरह से जांच करने का प्लान बना रही है।

इसने किसानों को प्रवासी पक्षियों के रहने की जगहों पर जाने से बचने और बाड़े में जाने से पहले जूते बदलने जैसे बचाव के मूल तरीकों को अपनाने की भी सलाह दी है।

योनहाप न्यूज एजेंसी ने पिछले महीने ही बताया था कि दक्षिण कोरिया ठंड के मौसम में एवियन इन्फ्लूएंजा (एआई) को और फैलने से रोकने के लिए क्वारंटाइन की कोशिशों को और मजबूत करेगा।

सेंट्रल डिजास्टर मैनेजमेंट हेडक्वार्टर (सीडीएमएच) ने कहा कि ठंड का मौसम शुरू होने के बाद से पोल्ट्री फार्मों में बहुत ज्यादा फैलने वाले एआई के छह और जंगली पक्षियों में एआई के 10 मामलों की पुष्टि हुई है। पहला मामला सितंबर में सोल से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में पाजू के एक पोल्ट्री फार्म में पाया गया था।

नवंबर माह में ही, पोल्ट्री फार्म के चार और 7 जंगली पक्षियों में खतरनाक एआई की मौजूदगी का पता चला था।

सीडीएमएच ने कहा कि उसने प्रवासी पक्षियों के रहने की जगहों, नदियों और प्रभावित फार्म के पास के इलाकों से इकट्ठा किए गए मिट्टी और जंगली पक्षियों के पंखों के सैंपल की डिटेल में जांच की है, और नतीजों से पता चला है कि ऐसी जगहों पर काफी गंदगी है।

पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सर्दियों में प्रवासी पक्षियों पर किए गए एक सर्वे के मुताबिक, नवंबर में 13.3 लाख पक्षी देश में आए , जो पिछले महीने से 111.4 प्रतिशत ज्यादा है।

इस स्थिति को देखते हुए, अधिकारी देश भर के पोल्ट्री फार्म में क्वारंटाइन के तरीकों को और मजबूत करने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए सभी उपलब्ध डिसइंफेक्शन (कीटाणु खत्म करने वाली) गाड़ियों को लगाकर इंटेंसिव डिसइंफेक्शन ऑपरेशन (गहन कीटाणुशोधन अभियान) किए जाएंगे और उन शहरों और कस्बों का खास निरीक्षण किया जाएगा जहां पोल्ट्री की संख्या ज्यादा है और पहले भी बीमारी फैल चुकी है।

–आईएएनएस

केआर/


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