सौम्या विश्‍वनाथन हत्याकांड : कोर्ट का 4 दोषियों को मौत की सजा देने से इनकार, उम्रकैद का आदेश


नई दिल्ली, 25 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने 2008 में टीवी पत्रकार सौम्या विश्‍वनाथन की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए चार लोगों को शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि पांचवें दोषी को तीन साल कैद की सजा सुनाई।

यह कहते हुए कि यह अपराध “दुर्लभ से दुर्लभतम” मामलों की श्रेणी में नहीं आता, अदालत ने मौत की सजा के अनुरोध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक और अजय कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और अजय सेठी को तीन साल के लिए जेल भेजा गया है।

सजा की मात्रा पर अदालत का आदेश शुक्रवार को इसे सुरक्षित रखने के बाद आया।

कपूर, शुक्ला, कुमार और मलिक को 18 अक्टूबर को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) प्रावधानों के तहत और सेठी को चोरी की संपत्ति प्राप्त करने के लिए दोषी ठहराया गया था।

30 सितंबर 2008 को विश्‍वनाथन की नेल्सन मंडेला मार्ग पर उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह ड्यूटी पूरी कर अपनी कार में घर लौट रही थीं।

आरोपियों को हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और मार्च 2009 से हिरासत में हैं। पुलिस ने उसकी हत्या का कारण लूटपाट बताया था और आरोपियों के खिलाफ सख्त मकोका लगाया था।

मलिक, कपूर और शुक्ला को पहले 2009 में आईटी कार्यकारी जिगिशा घोष की हत्या में दोषी ठहराया गया था। घोष की हत्या के लिए ट्रायल कोर्ट ने कपूर और शुक्ला को मौत की सजा सुनाई और मलिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद अगले वर्ष, उच्च न्यायालय ने घोष हत्या मामले में मलिक की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखते हुए कपूर और शुक्ला की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।

–आईएएनएस

एसजीके


Related Articles

Latest News