नई दिल्ली। अंग्रजों से लड़ाई लड़ते हुए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आज इन तीनों सेनानियों के बलिदान के 92 साल पूरे हो चुके हैं। अदालती आदेश के मुताबिक इन तीनों को 24 मार्च 1931 को सुबह आठ बजे फांसी लगाई जानी थी, लेकिन 23 मार्च 1931 को ही इन तीनों को देर शाम करीब सात बजे फांसी लगा दी। आज के दिन ही 23 मार्च 1931 को हुई इतिहास की इस बड़ी घटना को ”शहीद दिवस” के रूप में मनाया जाता है।
