शब-ए-कद्र के पावन अवसर पर एनसी नेताओं की अपील, स्थायी शांति व सद्भाव की कामना


जम्मू, 15 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदेश की जनता को पवित्र शब-ए-कद्र और कश्मीर के संरक्षक संत हजरत आलमदार-ए-कश्मीर शेख-उल-आलम शेख नूर उद्दीन नूरानी के वार्षिक उर्स की शुभकामनाएं दी हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी संदेश में दोनों नेताओं ने कहा कि शब-ए-कद्र इस्लाम की सबसे पवित्र रातों में से एक है, जो चिंतन, करुणा, विनम्रता और सर्वशक्तिमान अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने प्रार्थना की कि यह मुबारक अवसर जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए शांति, समृद्धि और सद्भाव लेकर आए। नेताओं ने अपने संदेश में कहा कि शब-ए-कद्र आध्यात्मिक महत्व की एक महान रात है, जो हमें प्रार्थना, क्षमा और करुणा की शक्ति की याद दिलाती है।

पार्टी के अधिकारिक एक्स में पोस्ट में कहा गया है, “जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शब-ए-कद्र और कश्मीर के पूजनीय संरक्षक संत हजरत आलमदार-ए-कश्मीर, शेख-उल-आलम, शेख-नूर उद दीन नूरानी (आरए), जिन्हें प्यार से ‘नंद रेश’ (आरए) कहा जाता है, के वार्षिक उर्स के शुभ अवसर पर जम्मू और कश्मीर के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।”

एक्स पोस्ट के अनुसार, नेताओं ने अपने संदेश में कहा कि शब-ए-कद्र, जो इस्लाम की सबसे पवित्र रातों में से एक है, चिंतन, करुणा, विनम्रता और सर्वशक्तिमान अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने प्रार्थना की कि यह शुभ अवसर जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए शांति, समृद्धि और सद्भाव लेकर आए।

पोस्ट में आगे लिखा गया, “नेताओं ने कहा कि शब-ए-कद्र अत्यंत आध्यात्मिक महत्व की रात है, जो हमें प्रार्थना, क्षमा और करुणा की शक्ति की याद दिलाती है। इस पवित्र अवसर पर मैं लोगों के बीच शांति, समृद्धि और एकता के लिए, तथा जम्मू और कश्मीर में स्थायी स्थिरता के लिए प्रार्थना करता हूं।”

–आईएएनएस

पीएसके/डीकेपी


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