लखनऊ, 2 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में महिला स्वावलंबन को नई गति देते हुए वाराणसी में आयोजित ग्यारह दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के सरस मेले का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वास्तविक शक्ति हैं और सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाकर आगे ‘करोड़पति महिला’ के रूप में स्थापित करना है।
वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब नारी सशक्त होती है तो परिवार, समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सरस मेले ने यह साबित कर दिया है कि यदि मंच और अवसर मिले तो ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि बड़े बाजार में प्रतिस्पर्धा भी कर सकती हैं। मेले में सजावटी सामग्री, खाद्य उत्पाद, पीतल शिल्प, अचार-मुरब्बा, लेदर उत्पाद, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, वस्त्र, कालीन, जूट एवं मूंज उत्पादों की उल्लेखनीय बिक्री हुई।
कार्यक्रम के दौरान जनपद के 703 स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि तथा 20 समूहों को रिवॉल्विंग फंड के अंतर्गत कुल 10 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया।
दो समूहों की महिलाओं को ई-रिक्शा भी वितरित किए गए। उप मुख्यमंत्री ने वाराणसी की बीमा सखियों मीना देवी और प्रतिभा देवी तथा लखपति महिलाओं शर्मीला देवी और लक्ष्मी वर्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
सर्वाधिक बिक्री के लिए लखीमपुर खीरी को प्रथम और मिर्जापुर को द्वितीय पुरस्कार मिला, जबकि श्रेष्ठ स्टॉल सज्जा के लिए गाजीपुर के मालिक मरदान शाह समूह को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जिससे समूहों की बाजार प्रतिस्पर्धा क्षमता को और सुदृढ़ किया जा सके। उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भविष्य में भी सरस मेले का आयोजन निरंतर किया जाएगा, ताकि विभिन्न जनपदों की महिलाएं एक-दूसरे से सीखकर अपने उद्यम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें।
–आईएएनएस
विकेटी/एमएस
