नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और लंबे समय तक चलने वाले नेशनल कोचिंग कैंप के लिए कुल मिलाकर करीब 1.95 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया, जब देश के वेटलिफ्टर गांधीनगर में जारी एशियन सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं।
सरकार ने गुजरात में 17 मई तक चलने वाली एशियन सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत की भागीदारी के लिए लगभग 70.45 लाख रुपए मंजूर किए थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों के लिहाज से एक अहम समझी जा रही इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के लिए भारत की शुरुआती टीम में 22 एथलीट, 6 कोच, 5 सपोर्ट स्टाफ और 3 रेफरी शामिल थे।
गांधीनगर में हिस्सा ले रहे होनहार ‘खेलो इंडिया’ एथलीट्स में बेदाब्रत भराली (79 किलोग्राम), पर्व चौधरी (94 किलोग्राम), ज्ञानेश्वरी यादव (53 किलोग्राम), संजना (77 किलोग्राम), माइबम मार्टिना देवी (+86 किलोग्राम), चारू पेसी (65 किलोग्राम), टी माधवन (71 किलोग्राम), वल्लूरी अजया बाबू (79 किलोग्राम), अभिषेक निपाने (88 किलोग्राम), कोमल कोहर (48 किलोग्राम) और कोयल बार (53 किलोग्राम) शामिल हैं।
प्रतियोगिता में साई ने दो समानांतर ‘एलीट’ राष्ट्रीय कोचिंग कैंप को भी मंजूरी दी है। ये कैंप 1 अप्रैल से 31 अगस्त तक मोदीनगर के ‘वेटलिफ्टिंग वॉरियर्स’ और पटियाला के ‘नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान’ (एनएसएनआईएस) में चलेंगे। 122 दिनों तक चलने वाले इन कैंप के लिए क्रमशः 60.23 लाख रुपए और 64.75 लाख रुपए का बजट रखा गया है।
साई लखनऊ और साई एनएसएनआईएस पटियाला की तरफ से आयोजित इन दोनों कैंप में अगस्त के आखिर तक 10-10 एथलीट्स हिस्सा लेंगे।
इन दोहरे कैंप का मॉडल इस तरह से तैयार किया गया है कि एथलीट्स को लंबे समय तक लगातार ट्रेनिंग, चोट से उबरने का सही प्रबंधन और तकनीकी निगरानी मिलती रहे। इसके साथ ही, उन्हें विशेष कोचिंग और खेल विज्ञानसे जुड़ी मदद भी उपलब्ध हो सके।
–आईएएनएस
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