भारत में रूसी दूतावास ने चलाया सफाई अभियान, राजदूत डेनिस बोले- युवाओं की सक्रियता सबसे जरूरी


नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में रूस के दूतावास ने अखिल राष्ट्रीय पर्यावरण परियोजना (ऑल-रशियन नेशनल एनवायर्नमेंटल प्रोजेक्ट) “वी स्टैंड फॉर क्लीननेस” के हिस्से के तौर पर एक सफाई अभियान चलाया। रूसी दूतावास की तरफ से चलाया गया यह कार्यक्रम भारत के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान को समर्पित है।

भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव उनकी पत्नी डायना अलीपोव और रूसी डिप्लोमैटिक मिशन के सदस्यों ने इस सफाई अभियान में हिस्सा लिया। सफाई अभियान को लेकर रूसी राजदूत ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ खास बातचीत की।

भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा, “हम सफाई के लिए एक साथ खड़े हैं। इसलिए मुझे बहुत खुशी है कि हमने यह कार्यक्रम आयोजित किया है और भारत और रूस की सफाई में अपना छोटा सा योगदान दिया है। मैं कह रहा था कि ऐसा लगता है कि एनडीएमसी ने हमारे करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं छोड़ा है, लेकिन फिर भी हम आज सुबह इस इवेंट को शुरू करके, दुनिया, भारत और रूस की सफाई में अपना छोटा सा योगदान देकर खुश हैं।”

रूसी राजदूत ने अर्थ डे को लेकर कहा, “अर्थ डे, क्लाइमेट के मुद्दे, ये सभी पहलू आपस में जुड़े हुए हैं। और हम जितने साफ-सुथरे रहेंगे, अपने देशों को जितना साफ-सुथरा बनाएंगे, पूरी दुनिया के लिए उतना ही अच्छा होगा, यह जलवायु के लिए भी बेहतर होगा।”

उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसे आंदोलनों में सबसे ज्यादा सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहिए। आज सुबह हमारे साथ हमारे कुछ बच्चे भी हैं। युवा किसी भी देश का भविष्य होते हैं और भारत में ऐसे बहुत सारे लोग हैं।

प्रदूषण को लेकर रूसी राजदूत ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि प्रदूषण हर देश के लिए एक बड़ा मुद्दा है। भारत को प्रदूषण से बहुत नुकसान हुआ है। और ऐसे वॉलंटियर मूवमेंट, वे निश्चित रूप से ऐसे मुद्दों से निपटने में मदद करते हैं। लेकिन यह एक ग्लोबल चुनौती है, सिर्फ भारत की चुनौती नहीं। हम जितने करीब आएंगे, जितने ज्यादा मजबूत कदम उठाएंगे, यह दुनिया के लिए और क्लाइमेट के मुद्दों से निपटने के लिए उतना ही बेहतर होगा।”

रूसी राजदूत की पत्नी डायना अलीपोवा ने कहा, “लोगों को सिखाना जरूरी है, उन्हें लीड करना नहीं। यह सबसे जरूरी बात है। इस तरह की पहल असल में सबके लिए, बड़ों के लिए, युवा जेनरेशन के लिए एक मिसाल कायम करती है। सबसे पहले, यह सोचना है कि कूड़ा न फैलाएं। जब आप अपने आस-पास की सफाई का अभ्यास करते हैं, तो यह आपको अपने अगले कदम के बारे में सोचने पर मजबूर करता है।”

उन्होंने कहा कि आपको अपनी जगह, अपने शहर, अपने गांव को आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ रखना चाहिए। इसीलिए इसे साफ रखना, इसे हरा-भरा बनाना, ज्यादा पेड़, झाड़ियां और फूल लगाना सच में बहुत जरूरी है। क्योंकि असल में यह सिर्फ पहला कदम है। क्योंकि फिर हम यहां कुछ घास लगाएंगे और इसे और हरा-भरा बनाने के लिए कुछ पेड़ लगाएंगे। क्योंकि प्रदूषण सच में है।

डायवा अलीपोवा ने कहा, “मैं अभी 30 मिनट से काम कर रहा हूं और धूल की वजह से मेरी आवाज भारी हो गई है। यही हम सांस ले रहे हैं। अगर आप ज्यादा पेड़ लगाएंगे, तो यह प्रदूषण को साफ कर देगा। यह बहुत जरूरी है।”

अभियान में शामिल हुई अंजलीना ने कहा कि हमारे लिए यह बहुत अच्छा अनुभव है, क्योंकि ये हमारा पहला दिन है, जब हम इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। मुझे लगता है कि ये काफी अच्छा है, क्योंकि हम भारत की मदद कर सकते हैं। हम हमारी दुनिया में और इस देश में कुछ ना कुछ अच्छा कर सकते हैं।

एव्जीनिया ने कहा, “अपने देश के भविष्य के लिए हर संभव कोशिश करना चाहिए। ये बहुत अच्छी चीज है कि भारत में लोग ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेते हैं, क्योंकि ये ना सिर्फ भारत के लिए बल्कि दूसरे देशों के लिए भी अच्छा है। मेरे लिए ये बहुत प्रोत्साहन का विषय है कि ये प्रोग्राम दुनिया में एकता का प्रतीक है।”

–आईएएनएस

केके/एएस


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