Tuesday, February 17, 2026

रुकी हवा की रफ्तार, एक्यूआई पहुंचा खतरे के निशान के पार, बारिश और तेज हवा की फिर बन रही है संभावनाएं


नोएडा, 17 फरवरी (आईएएनएस)। एनसीआर में एक बार फिर हवा की रफ्तार कम पड़ते ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रेड जोन में पहुंच गया है। राजधानी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया।

हालांकि मौसम विभाग ने 18 फरवरी को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जताया है, जिससे इसके बाद एक बार फिर एक्यूआई में सुधार की उम्मीद है। दिल्ली के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

आनंद विहार में एक्यूआई 319, अशोक विहार में 337, बवाना में 321, बुराड़ी क्रॉसिंग में 345 और चांदनी चौक में 302 दर्ज किया गया, जो रेड जोन की श्रेणी में आता है। इंद्रप्रस्थ क्षेत्र के कुछ इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर रहा। वहीं अलीपुर में एक्यूआई 242, डीटीयू में 271 और द्वारका सेक्टर-8 में 234 दर्ज किया गया, जो ऑरेंज श्रेणी में है। आया नगर में 158 और सीआरआरआई मथुरा रोड पर 189 एक्यूआई दर्ज हुआ, जो येलो श्रेणी में है। इससे स्पष्ट है कि हवा की गति कम होने से प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो गए हैं।

नोएडा में सेक्टर-125 पर एक्यूआई 286, सेक्टर-62 में 223, सेक्टर-1 में 234 और सेक्टर-116 में 232 दर्ज किया गया। यहां अधिकतर इलाके ऑरेंज जोन में हैं, लेकिन स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर और ज्यादा खराब है। इंदिरापुरम में एक्यूआई 324, वसुंधरा में 301 और संजय नगर में 251 दर्ज किया गया। इंदिरापुरम और वसुंधरा रेड जोन में बने हुए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, 17 फरवरी को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया जाएगा, जबकि 18 फरवरी को अधिकतम 27 और न्यूनतम 14 डिग्री रहने का अनुमान है। 18 फरवरी को पूर्वाह्न में बहुत हल्की से हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। दोपहर बाद भी हल्की बारिश हो सकती है।

19 फरवरी को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 13 डिग्री, 20 फरवरी को 28/13 डिग्री और 21 फरवरी को 28/13 डिग्री रहने का अनुमान है। 19 से 21 फरवरी तक मौसम साफ रहने और धुंध की स्थिति रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 18 फरवरी को होने वाली बारिश और तेज हवाओं से वातावरण में जमा प्रदूषक तत्वों का स्तर कम होगा, जिससे एक्यूआई में सुधार देखने को मिल सकता है।

–आईएएनएस

पीकेटी/एएस


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