नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। वायनाड भूस्खलन भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद का एक नया मुद्दा बन गया है। भाजपा ने कांग्रेस पर अपने जन प्रतिनिधियों द्वारा ‘उदासीन और लापरवाह’ व्यवहार का आरोप लगाया है।
भाजपा ने वायनाड लोकसभा सीट से वर्तमान सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की इस त्रासदी के एक सप्ताह बाद भी निर्वाचन क्षेत्र का दौरा न करने के लिए आलोचना की है। पार्टी ने गांधी भाई-बहनों पर अपने ‘राजनीतिक अस्तित्व’ के लिए निर्वाचन क्षेत्र का शोषण करने का भी आरोप लगाया है।
आलोचनाओं की लहर से बेपरवाह कांग्रेस ने गांधी परिवार के निर्वाचन क्षेत्र का दौरा न करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि ‘वीआईपी दौरे’ राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में केवल बाधाएं और रुकावटें पैदा करते हैं।
कई भाजपा प्रवक्ताओं ने गांधी भाई-बहनों की वायनाड यात्रा न करने के लिए कड़ी आलोचना की और उन पर ‘अस्थायी राजनेता’, अनुपस्थित जमींदार और गांधी परिवार के ‘यूज एंड थ्रो’ जैसे आरोप लगाए।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केशवन ने कहा कि वायनाड कांग्रेस के शीर्ष परिवार के लिए एक राजनीतिक मोहरा मात्र है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड की पूरी तरह से उपेक्षा की है और इस क्षेत्र को एक अनुपस्थित जमींदार की तरह छोड़ दिया है, ठीक वैसे ही जैसे राहुल गांधी ने सांसद रहते हुए किया था।
शहजाद पूनावाला ने और भी तीखे शब्दों में कहा कि प्रियंका और राहुल के गायब रहने से वायनाड पीड़ित है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि वायनाड में हुए ताजा भूस्खलन में कई लोगों की जान जाने और व्यापक तबाही के बाद भी न तो राहुल गांधी और न ही प्रियंका वाड्रा को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने या पीड़ितों से मिलने का समय मिला है। यही उनका ‘यूज एंड थ्रो’ वाला मॉडल है।
भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने उन्हें राजनीतिक पर्यटक करार दिया और कहा कि सोशल मीडिया पर एक शोक संदेश पोस्ट करने के अलावा वे ‘अस्थायी राजनीतिज्ञों’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार अध्यक्ष पवन खेड़ा ने भाजपा के असंवेदनशीलता के आरोप को खारिज करते हुए भूस्खलन के बाद गांधी परिवार के वायनाड न जाने का बचाव किया।
आईएएनएस से बात करते हुए खेड़ा ने कहा कि अगर प्राकृतिक आपदा आती है, तो वीआईपी दौरा क्यों होना चाहिए? वीआईपी दौरा केवल सरकार के समक्ष कमियों को उजागर करने के लिए होना चाहिए यदि सरकार पीड़ितों की चिंताओं और उनकी परेशानियों को दूर करने में असंवेदनशील है। इस समय केरल सरकार सक्रिय है, राहत कार्य चल रहे हैं, और इन कार्यों में बाधा डालने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रियंका और राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाने वालों को यह समझना चाहिए कि वीआईपी दौरे कमियों और खामियों को उजागर करने के लिए होते हैं। ऐसी कोई आवश्यकता नहीं है।
–आईएएनएस
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