नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। रिश्वत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की और दिल्ली पुलिस के दो हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई ने दिल्ली पुलिस, पीएस सुल्तानपुरी, दिल्ली के दो हेड कांस्टेबल को शिकायतकर्ता से 20,000 रुपए की अवैध रिश्वत/अनुचित लाभ की मांग करते और स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
आरोप था कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता से उसकी ऑनलाइन सट्टेबाजी की गतिविधियों को जारी रखने की अनुमति देने के बदले 20,000 रुपए की अवैध रिश्वत/अनुचित लाभ की मांग की थी। सीबीआई ने 13 मार्च को जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से 20,000 रुपए की अवैध रिश्वत/अनुचित लाभ की मांग करते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। उक्त आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की गई यह कड़ी कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जिन नागरिकों को भ्रष्टाचार के मामले दिखाई देते हैं या सरकारी अधिकारियों द्वारा उनसे रिश्वत की मांग की जाती है, उन्हें ऐसे मामलों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
वे अपनी शिकायत दर्ज कराने या कोई भी प्रासंगिक जानकारी साझा करने के लिए सीबीआई, एसीबी, दिल्ली के कार्यालय (पहली मंजिल, सीबीआई भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली) जा सकते हैं, या 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 पर कॉल कर सकते हैं।
वहीं, सीबीआई कोर्ट भुवनेश्वर ने शुक्रवार को रिश्वत के एक मामले में आरोपी राधा कृष्ण साहू (तत्कालीन सहायक अधीक्षक, डाकघर, प्रभारी- बारीपदा सेंट्रल सब-डिवीजन, बारीपदा) को दोषी ठहराया और 4 साल के कठोर कारावास तथा 1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोपी के खिलाफ फरवरी 2014 को मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से देबसोल ब्रांच पोस्ट ऑफिस में जीडीएस/एमडी/एमसी के तौर पर उसकी जॉइनिंग की प्रक्रिया शुरू करने के बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
आरोपी ने उसकी जॉइनिंग के लिए कोई कदम नहीं उठाया और 3 फरवरी 2014 को दो लाख रुपए में से 50,000 रुपए की मांग की। जब शिकायतकर्ता ने 50,000 रुपए देने में अपनी असमर्थता जताई तो आरोपी 2 किस्तों में पैसे लेने पर सहमत हो गया। यानी, 6 फरवरी 2014 को बालिगंज स्थित अपने किराए के घर पर 50,000 रुपए में से 20,000 रुपए लेना तय हुआ। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से 20,000 रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच के बाद सीबीआई ने 25 जून 2014 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
–आईएएनएस
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