इस्लामाबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने अपनी ताजा आकलन रिपोर्ट में कहा है कि 2025 में आई बाढ़ के कारण पाकिस्तान में करीब 33 लाख (3.3 मिलियन) नौकरियां प्रभावित हुई हैं।
आईएलओ के अनुसार, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा के 14 सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में रोजगार और आजीविका के नुकसान का आकलन किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि रोजगार पर सबसे ज्यादा असर पंजाब के बाढ़ प्रभावित जिलों में पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल रोजगार नुकसान का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण इलाकों में दर्ज किया गया, जहां कृषि क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। इसके बाद सेवा और औद्योगिक क्षेत्रों पर असर पड़ा।
यह आकलन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के तकनीकी नेतृत्व में किया गया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र, एशियाई विकास बैंक, यूरोपीय संघ और विश्व बैंक का भी सहयोग रहा।
आईएलओ ने कहा कि प्रांतीय स्तर पर मुआवजा योजनाओं के जरिए तत्काल राहत और पुनर्वास की जरूरतों को कुछ हद तक पूरा किया गया है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका बहाल करने के लिए व्यापक समर्थन की जरूरत है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि ‘कैश-फॉर-वर्क’ कार्यक्रम, कौशल प्रशिक्षण और सब्सिडी वाले ऋण जैसे कदम उठाए जाएं, ताकि प्रभावित परिवार छोटे स्तर पर कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू कर सकें।
इस आकलन पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के विदेश एवं मानव संसाधन विकास मंत्री सालिक हुसैन ने कहा कि बाढ़ से विशेष रूप से दिहाड़ी मजदूरों, छोटे किसानों, स्वरोजगार करने वालों और ग्रामीण क्षेत्रों के कमजोर वर्गों को भारी नुकसान हुआ है।
वहीं पाकिस्तान में आईएलओ के कंट्री डायरेक्टर गीर टोंस्टोल ने कहा कि बाढ़ ने पहले से ही कमजोर समुदायों की आर्थिक स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने जोर दिया कि समय पर ऐसे कदम उठाने की जरूरत है, जो रोजगार, आय की बहाली और जलवायु जनित आपदाओं के प्रति दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित करें।
आईएलओ ने 2022 की बाढ़ के बाद तैयार की गई ‘वर्क क्राइसिस रिस्पॉन्स स्ट्रेटजी’ को फिर से लागू करने की भी जरूरत बताई, ताकि भविष्य में आपदा प्रबंधन अधिक प्रभावी और समन्वित हो सके।
–आईएएनएस
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