Sunday, February 15, 2026

महीनों बाद एनसीआर को राहत, वायु गुणवत्ता ‘लाल निशान’ से बाहर, येलो और ऑरेंज जोन में पहुंचे इलाके


नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों के लिए लंबे समय बाद राहत भरी खबर सामने आई है। कई महीनों तक गंभीर और अति-गंभीर श्रेणी में बने रहने के बाद अब एनसीआर की हवा ‘लाल निशान’ से बाहर निकल आई है। ताजा वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश इलाके येलो (मध्यम) और ऑरेंज (खराब) श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।

हालांकि सोमवार की सुबह एनसीआर के कई हिस्सों में धुंध और कोहरे की चादर देखने को मिली। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 2 फरवरी से 7 फरवरी तक मध्यम कोहरे की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 18 से 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जाएगा। वहीं नमी का स्तर 90 से 98 प्रतिशत तक रहेगा, जिससे सुबह के समय दृश्यता प्रभावित होगी।

दिल्ली के एक्यूआई आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में कई निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई ऑरेंज और येलो श्रेणी में दर्ज किया गया। आनंद विहार में 242, अशोक विहार में 222, चांदनी चौक में 217, बवाना में 222, आया नगर में 121, मथुरा रोड में 151, डीटीयू में 158 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 157 एक्यूआई दर्ज किया गया।

नोएडा में भी एक्यूआई में सुधार देखने को मिला, हालांकि कुछ इलाके अब भी ऑरेंज जोन में हैं। सेक्टर-125 नोएडा में 235, सेक्टर-1 नोएडा में 208, सेक्टर-116 नोएडा में 207, सेक्टर-62 नोएडा में 138 एक्यूआई दर्ज किया गया। गाजियाबाद में स्थिति अपेक्षाकृत गंभीर रही, जहां कुछ क्षेत्रों में एक्यूआई अब भी ऊंचा दर्ज किया गया, जिनमें लोनी में 271, इंदिरापुरम में 255, वसुंधरा में 237 और संजय नगर में 211 एक्यूआई दर्ज किया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार रविवार की छुट्टी के चलते सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रही। साथ ही अधिकांश औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद रहने से प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों में कमी आई। इन्हीं कारणों से एक्यूआई खतरे के निशान से नीचे आया है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि कोहरे और धुंध के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में फंसे रह सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत है।

फिलहाल एनसीआर वासियों ने लंबे समय बाद कुछ हद तक साफ हवा में सांस ली है, लेकिन विशेषज्ञ सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।

–आईएएनएस

पीकेटी/एएस


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