राज्यसभा चुनाव: उपेंद्र कुशवाहा ने किया एनडीए की जीत का दावा, कहा-विपक्ष जीत का देख रहा सपना


पटना, 16 मार्च (आईएएनएस)। पटना में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया है कि बिहार की पांचों सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों की जीत तय है। उन्होंने कहा कि नामांकन के दिन से ही यह साफ हो गया था कि सभी पांचों सीटें एनडीए के खाते में जाएंगी।

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “पांच में से पांच एनडीए के उम्मीदवार जीतेंगे। इसमें कोई भ्रम नहीं है। मतगणना आज ही होनी है, इसलिए नतीजे भी उसी तरह आएंगे जैसा हम बार-बार कह रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वास्तविक स्थिति सभी के सामने है। राजद नेता तेजस्वी यादव पर प्रतिक्रिया देते हुए कुशवाहा ने तंज कसा। उन्होंने कहा, “वे तो मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए भी तैयार थे, लेकिन आखिर हुआ क्या? धीरे-धीरे जब राजद ही बिहार के राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो रही है तो उनके विधायक गायब होते हैं, तो उस पर हम क्या कहें?”

इधर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी राज्यसभा चुनाव में एनडीए की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को जीत की उम्मीद होती है, लेकिन एनडीए की जीत का आधार जनता का स्पष्ट जनादेश है। उन्होंने कहा, “हमारा समीकरण जनता के आदेश का समीकरण है और उसी आधार पर हम लोग जीतेंगे। हमारे पांचों उम्मीदवार राज्यसभा में जाकर सुशासन और विकसित बिहार के निर्माण में योगदान देंगे।”

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दों की कमी है। विपक्ष हमेशा रोने और आरोप लगाने का काम करता है। यही वे लोग हैं जिन्होंने कभी बिहार को रुलाया था, लेकिन अब बिहार की जनता उन्हें जवाब दे रही है।”

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी दावा किया कि एनडीए के उम्मीदवार बड़ी संख्या में वोट हासिल करेंगे। उन्होंने कहा, “हम लोगों को व्यापक समर्थन मिल रहा है और शाम तक आने वाले नतीजों में यह साफ दिखाई देगा कि एनडीए सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज करेगी।”

राजद विधायकों को होटल में ठहराने के मुद्दे पर भी उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाए। संजय झा ने कहा, “इसका मतलब है कि आपको अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है और विधायकों को आप पर भरोसा नहीं है।”

–आईएएनएस

एसएके/वीसी


Related Articles

Latest News