जयपुर, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। चारधाम यात्रा सीजन से पहले राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने श्रद्धालुओं के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह के निर्देश पर जारी इस एडवाइजरी का उद्देश्य यात्रियों को साइबर अपराधियों से बचाना है। ठग फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, होटल रिजर्वेशन और वीआईपी दर्शन के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
साइबर क्राइम के डीआईजी शंतनु कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि श्रद्धालु केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल या भरोसेमंद ट्रैवल एजेंसियों के जरिए ही बुकिंग करें। ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सस्ते पैकेज या तुरंत दर्शन के नाम पर लुभावने विज्ञापन डालकर लोगों को फंसाते हैं।
एडवाइजरी में लोगों से अपील की गई है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी यूपीआई डिटेल, ओटीपी या कार्ड संबंधी जानकारी साझा न करें और अनचाहे कॉल पर भुगतान करने से बचें।
इसके अलावा, यात्रा के दौरान सुरक्षित डिजिटल लेनदेन पर भी जोर दिया गया है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या धर्मशालाओं में पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर वित्तीय लेनदेन न करने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे डेटा चोरी का खतरा रहता है।
पुलिस ने यह भी चेताया है कि पैसे प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती, और पिन केवल पैसे भेजते समय ही डाला जाता है। यात्रियों को सुरक्षित और भीड़भाड़ वाले स्थानों, खासकर बैंक परिसर में स्थित एटीएम का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
मोबाइल सुरक्षा के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखने और पब्लिक यूएसबी चार्जिंग पोर्ट के बजाय पर्सनल पावर बैंक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे अपनी लाइव लोकेशन केवल विश्वसनीय परिवार के सदस्यों के साथ साझा करें और मंदिर या पुलिस अधिकारी बनकर आने वाले फर्जी कॉल से सावधान रहें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में पहले सत्यापन करने की सलाह दी गई है।
साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
राजस्थान पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से सुरक्षित और सतर्क रहकर यात्रा करने की अपील की है।
–आईएएनएस
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