नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने हवाई अड्डों पर किफायती भोजन कैंटीन स्थापित होने पर खुशी जाहिर की है।
राघव चड्ढा ने इस पहल के समर्थन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन सभी का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनकी मांग का समर्थन किया।
‘आप’ नेता ने अपने पोस्ट में लिखा, “एक छोटी सी चिंगारी अंधेरे आसमान को भी रौशन कर सकती है। पहले कोलकाता, अब चेन्नई! हवाई अड्डों पर किफायती भोजन कैंटीन स्थापित होते देखकर खुशी हुई। उन सभी का आभारी हूं जिन्होंने हवाई अड्डों पर किफायती भोजन और पेय की मेरी मांग का समर्थन किया। आप में से हर एक को बधाई, हर बूंद मिलकर सागर को बढ़ाती है। मैं जनहित के मुद्दे उठाता रहूंगा। मुझे अपने सुझाव भेजते रहिए।”
राघव चड्ढा ने हाल ही में राज्यसभा में हवाई अड्डों पर खाद्य पदार्थों के अत्यधिक दामों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डों पर यात्रियों को महंगे दामों पर खाने-पीने की चीजें बेची जाती हैं, जो उनके लिए एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है।
उन्होंने सरकार से मांग की थी कि हवाई अड्डों पर खाद्य पदार्थों की कीमतों को नियंत्रित किया जाए और यात्रियों को किफायती मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने इस विषय पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि हवाई अड्डों पर महंगे दामों की वजह से यात्रियों को कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है।
‘आप’ नेता ने संसद के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था, “आज हवाई अड्डों पर खाना काफी महंगा है। बाजार के मुकाबले दो-तीन गुना दाम है। एक साधारण सी पानी की बोतल जो बीस रुपये की बाजार में मिलती है, वह एयरपोर्ट के भीतर जाकर फूड आउटलेट पर 100 रुपये की मिलती है। आज जो यात्री अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं, वे पानी पीकर पेट भर रहे हैं कि कहीं ढाई सौ रुपये की चाय और साढ़े तीन सौ रुपये का समोसा न खरीदना पड़ जाए। क्या एक आम आदमी एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइट का इंतजार करते हुए एक चाय नहीं पी सकता? क्या इस पर कोई रेगुलेशन नहीं होना चाहिए? क्या कोई किफायती कैंटीन का मैकेनिज्म नहीं होना चाहिए?”
–आईएएनएस
एकेएस/एकेजे