Thursday, January 15, 2026

क्षेत्रीय तनाव के बीच कतर ने अमेरिकी एयरबेस से कुछ कर्मियों की वापसी की पुष्टि की


दोहा, 14 जनवरी (आईएएनएस)। कतर ने बुधवार को पुष्टि की कि क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए देश में स्थित अमेरिकी अल उदैद एयरबेस से कुछ कर्मियों की वापसी की जा रही है।

कतर के इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस ने एक बयान में कहा कि अल उदैद एयरबेस से संबंधित कुछ कर्मियों के प्रस्थान को लेकर मीडिया में चल रही खबरों के संदर्भ में स्पष्ट किया जाता है कि यह कदम मौजूदा क्षेत्रीय तनावों के मद्देनजर उठाया गया है।

आईएमओ ने दोहराया कि कतर अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। इसमें महत्वपूर्ण अवसंरचना और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा से जुड़े उपाय भी शामिल हैं।

इससे पहले, रॉयटर्स की रिपोर्ट के हवाले से शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया था कि बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच एहतियातन अमेरिका मध्य पूर्व में स्थित अपने सैन्य ठिकानों से कुछ कर्मियों को वापस बुला रहा है।

ताज़ा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान में जारी प्रदर्शनों को लेकर क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं और अमेरिकी अधिकारी बार-बार हस्तक्षेप की धमकी दे रहे हैं।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरान के रक्षा मंत्री अज़ीज़ नसीरज़ादेह ने कहा है कि किसी भी हमले का ईरान कड़ा जवाब देगा और “आख़िरी बूंद तक देश की रक्षा करेगा।”

कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ईरान ने अमेरिकी सेनाओं की मेजबानी कर रहे पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि यदि वाशिंगटन हस्तक्षेप करता है तो अमेरिकी सैन्य ठिकाने निशाने पर हो सकते हैं।

मंगलवार को ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद से अमेरिका द्वारा हिंसा भड़काने और बल प्रयोग की धमकी की निंदा करने की अपील की।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस और जनवरी माह के लिए सुरक्षा परिषद के घूर्णन अध्यक्ष, सोमालिया के राजदूत अबुकर दाहिर उस्मान, को लिखे पत्र में इरावानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान में खुले तौर पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट का भी हवाला दिया।

इस बीच, ईरान में स्थित अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों से देश छोड़ने की अपील की है।

इरावानी ने पत्र में कहा, “यह गैर-जिम्मेदाराना बयान राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा देता है, हिंसा के लिए उकसाता है और ईरान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है।”

–आईएएनएस

डीएससी


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