चंड़ीगढ़ , 27 मार्च (आईएएनएस)। पंजाब की भगवंत मान सरकार नशे के विरुद्ध अभियान चला रही है। इसे लेकर पंजाब पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के बीच गुरुवार को डीजीपी गौरव यादव ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात की।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि नशे के खिलाफ प्रदेश सरकार के अभियान के तहत पंजाब पुलिस भी ड्रग्स सप्लायर के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रही है। हमने सभी एसएसपी और पुलिस कमीश्नर को निर्देश दिया है कि वह अपने-अपने इलाकों में उन लोगों की पहचान करें जो बड़े पैमाने पर ड्रग्स के सप्लायर हैं और उन पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। पंजाब पुलिस की कोशिश है कि राज्य से नशे का कारोबार खत्म किया जाए।
डीजीपी ने बताया कि नशे के खिलाफ अभी तक जो पंजाब पुलिस द्वारा मुहिम चलाई गई है, उसमें 2200 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हुई हैं। 4 हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं। 146 किलो हेरोइन बरामद हुई है। मैं समझता हूं कि पुलिस को बड़े स्तर पर कामयाबी मिली है। आसानी से मिलने वाले ड्रग्स पर अंकुश लगा है। इसी कड़ी में आगे हम तेजी से कार्रवाई करने जा रहे हैं। भविष्य में हम सीमा पार से ड्रग्स सप्लाई करने वालों पर नजर रखेंगे और कूरियर से ड्रग्स सप्लाई करने वालों पर भी नकेल कसेंगे। हवाला के माध्यम से पाकिस्तान तक जो पैसे की लेन-देन हो रही है, उस पर भी अंकुश लगाने की तैयारी की जा रही है।
यादव ने आगे कहा, “हमारा प्रयास है कि पूर्ण रूप से ड्रग्स सप्लायर चेन को खत्म किया जाए। इस अभियान के तहत हम जिन्हें गिरफ्तार करते हैं, अगर उनकी निशानदेही पर जेल में बंद किसी अपराधी का नाम आता है, तो उसे भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाती है।”
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए हमने 702 प्वाइंट की पहचान की है, जहां 2,127 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसमें 100 पीटीजेड कैमरे, 243 एएनपीआर कैमरे और लगभग 1,700 बुलेट कैमरे भी शामिल हैं।
–आईएएनएस
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