वॉशिंगटन, 5 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन एयर फोर्स जनरल डैन केन ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम के एक सीमित और रक्षात्मक सैन्य मिशन की जानकारी दी है। इसका मकसद ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में फिर से सुरक्षित तरीके से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही शुरू कराना है।
हेगसेथ ने कहा कि यह ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू किया गया है, ताकि प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत होर्मुज स्ट्रेट में व्यापार फिर से सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह मिशन ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ से अलग है।
उन्होंने बताया कि यह मिशन पूरी तरह रक्षात्मक है, इसका दायरा सीमित है और यह कुछ समय के लिए ही चलेगा। इसका एक ही मकसद है, ईरान की आक्रामक हरकतों से निर्दोष व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना।
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के पानी या हवाई क्षेत्र में नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि हम लड़ाई नहीं चाहते, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में दूसरे देशों के जहाजों और उनके सामान को रोकने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
युद्ध सचिव ने ईरान पर नागरिक जहाजों को परेशान करने, हर देश के नाविकों को बिना सोचे-समझे धमकाने और एक जरूरी चोक पॉइंट को हथियार बनाने का आरोप लगाया और इसे इंटरनेशनल जबरदस्ती वसूली का एक रूप बताया।
जनरल केन ने कहा कि इस ऑपरेशन का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाज सुरक्षित तरीके से इस जलडमरूमध्य से गुजर सकें। उन्होंने बताया कि हाल के हफ्तों में ईरान ने कई बार जहाजों पर हमले किए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है, क्योंकि दुनिया के लगभग पाचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए इसका सुरक्षित रहना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है।
इस मिशन के लिए अमेरिका ने बड़ी सैन्य ताकत तैनात की है, जिसमें 15,000 से ज्यादा सैनिक, गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर जहाज, हेलीकॉप्टर और 100 से ज्यादा विमान शामिल हैं, जो दिन-रात जहाजों की सुरक्षा करेंगे।
केन ने बताया कि स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में एक अतिरिक्त सुरक्षा क्षेत्र बनाया गया है, जहां अमेरिका की थल, जल और वायु सेनाएं तैनात हैं, ताकि किसी भी खतरे को तुरंत पहचाना और रोका जा सके।
हेगसेथ ने इस व्यवस्था को “लाल, सफेद और नीले रंग का सुरक्षा कवच” बताया, जो हर समय जहाजों पर नजर रखेगा।
जनरल केन ने बताया कि सीजफायर (युद्धविराम) के बाद भी ईरान ने नौ बार व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की है, दो कंटेनर जहाज कब्जे में लिए हैं और दस से ज्यादा बार अमेरिकी बलों पर हमले किए हैं, हालांकि ये हमले बड़े युद्ध की स्थिति तक नहीं पहुंचे।
हेगसेथ ने कहा कि यह मिशन हमेशा के लिए नहीं है। अमेरिका चाहता है कि आगे चलकर उसके सहयोगी देश और दूसरे हितधारक इस जलमार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालें।
–आईएएनएस
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