मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। ‘दिल्लगी’, ‘तपिश’ और ‘खोसला का घोसला’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता प्रवीण डबास ने महिला आरक्षण विधेयक पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अभिनेता केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन इसके साथ ही वे आरक्षण के खिलाफ हैं। अभिनेता का मानना है कि देश में हर तरह का आरक्षण खत्म कर देना चाहिए।
महिला आरक्षण विधेयक पर अभिनेता प्रवीण डबास ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, “मैं इस बिल को दो तरीकों से देखता हूं। हमें हमेशा महिलाओं को आगे रखना चाहिए क्योंकि देश के विकास में महिलाओं की बराबर की भागीदारी होनी चाहिए, लेकिन मैं आरक्षण के खिलाफ हूं। मुझे लगता है कि महिलाएं पहले ही खुद में पूर्ण हैं और उन्हें किसी के भी सहारे की जरूरत नहीं है। मैं यह सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं बल्कि उन सब के लिए बोल रहा हूं, जिन्हें आरक्षण प्राप्त है।”
उन्होंने कहा कि जिन परेशानियों की वजह से देश में आरक्षण की जरूरत पड़ी थी, मुझे लगता है कि अब वो पूरा हो चुका है। भारत अब इतना सशक्त हो गया है कि हर कोई अपने बलबूते पर नौकरी पा सकता है, राजनीति में आ सकता है और देश के विकास में भूमिका भी निभा सकता है, लेकिन अगर हम आरक्षण को हटाते हैं तो बहुत सारे लोग हैं, जो इसको लेकर राजनीति करेंगे। यही बड़ा कारण है कि देश में फिलहाल की स्थिति में आरक्षण को हटा पाना मुश्किल है। जब तक कास्ट सिस्टम है, तब तक आरक्षण है।
राजनीति में महिलाओं की भागीदारी से आने वाले बदलाव के सवाल पर अभिनेता ने कहा, “राजनीति में महिलाओं की भागीदारी के कई सकारात्मक बदलाव आएंगे क्योंकि वे बहुत अच्छी लीडर हैं। वे घर, दफ्तर और देश सब कुछ संभाल सकती हैं। यही कारण है कि आरक्षण हो या न हो, महिलाओं को आगे आकर देश के लिए काम करना चाहिए। हमारे देश को इंदिरा गांधी संभाल चुकी हैं, आज दिल्ली को सीएम रेखा गुप्ता संभाल रही हैं। हमारे देश की महिलाओं के अंदर ताकत है कि वो देश को संभाल सकती हैं। यह सरकार का सराहनीय कदम है, लेकिन हां, मैं किसी भी तरह के आरक्षण के खिलाफ हूं।”
महिला आरक्षण विधेयक की जरूरत के सवाल पर अभिनेता ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि अब बिल क्यों लाया जा रहा है लेकिन अगर बिल जाने से बेहतर है कि पहले ही पार्टियां निर्धारित कर लें कि हम एक क्षेत्र से इतनी महिला उम्मीदवारों को चुनाव लड़वाएंगे, तो इसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी। जब महिलाएं जीतेंगी, तो विधानसभा और लोकसभा में उनकी भागीदारी खुद ही बढ़ जाएगी। अभिनेता का कहना है कि सबको मेरिट के हिसाब से और अपनी काबिलियत को साबित करते हुए किसी पद पर आना चाहिए क्योंकि इससे देश में समानता जाएंगी।
–आईएएनएस
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