प्रदूषण, गंदे पानी और टूटी सड़कों की समस्याओं से भाग रही भाजपा: आतिशी


नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की विशेषाधिकार समिति के सामने पेशी की लाइव स्ट्रीमिंग करने की चुनौती दी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल की पेशी की पूरी कार्यवाही को लाइव स्ट्रीमिंग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा ऐसा करती है तो दिल्लीवालों के सामने उसकी पोल खुल जाएगी कि उसे केजरीवाल को गाली देने के अलावा बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल जैसे जनहित के मुद्दों की कोई चिंता नहीं है।

आतिशी ने कहा कि आप सरकार के दौरान दिल्ली विधानसभा के नवीनीकरण किया गया था। इस दौरान एक गुप्त कमरा मिला, जिसमें रस्सियां-कांच की गोलियां पाई गईं। जिसे अंग्रेजों ने चुपचाप मौत की सजा देने के लिए बनावाया था। लेकिन अब रेखा गुप्ता सरकार कह रही है कि अंग्रेज यहां भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी नहीं देते थे, ऐस लग रहा है कि आज भी भाजपा भी अंग्रेजी हुकूमत के साथ खड़ी है? आतिशी ने कहा कि दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को फांसी घर के मुद्दे पर समन किया है। समिति ने बताने के लिए कहा है कि क्या दिल्ली विधानसभा में अंग्रेजों का फांसी घर था या नहीं? लेकिन सवाल यह है कि यह फांसी घर क्या है और इस पर चर्चा क्यों हो रही है? जब दिल्ली विधानसभा में रामनिवास गोयल स्पीकर बने, तब विधानसभा के बंद कई कमरे खोले गए और उनका नवीनीकरण किया गया। एक कमरे के अंदर सुरंग से एक पीछे का रास्ता पाया गया। जहां रस्सियां, कांच की गोलियां और कुछ जूते व कपड़े मिले थे।

आतिशी ने कहा कि जब इसे ब्रिटिश भारत के समय के दस्तावेजों के साथ मिलाया गया, तो पता चला कि मौजूदा दिल्ली विधानसभा में ब्रिटिश राज के समय एक मजिस्ट्रेट का कोर्ट होता था। मजिस्ट्रेट कोर्ट में फैसला होने के बाद कैदियों को कुछ समय तक यहां रखा जाता था। वहीं, रस्सियां और गोलियां देखकर यह समझ में आया कि यह बहुत सी अन्य छुपी हुई गुप्त फांसी घरों में से एक थी, जिन्हें अंग्रेजों ने भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को चुपचाप फांसी देने, गोली मारने और गैर न्यायिक प्रक्रियाओं से खत्म करने के लिए बनाया था। आतिशी ने कहा कि तब दिल्ली विधानसभा ने फैसला किया कि उस फांसी घर को लोगों के देखने के लिए खोला जाएगा, ताकि लोग देख सकें कि आखिरकार अंग्रेज क्या करते थे? जब इस फांसी घर को लोगों को देखने के लिए खोला गया, तब तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल, तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्पीकर रामनिवास गोयल और डिप्टी स्पीकर राखी बिड़लान ने उसका आम जनता के लिए उद्घाटन किया था।

उन्होंने कहा कि अब भाजपा कह रही है कि वहां पर फांसी घर नहीं था। यह वही भाजपा है जो आरएसएस से निकल कर आई है, जो गोडसे का सम्मान करती है और जिसने 52 सालों तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा झंडा तक नहीं फहराया। आज वही भाजपा कह रही है कि अंग्रेज चुपके चुपके भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को नहीं मारते थे और यहां भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का कोई इतिहास नहीं है। भाजपा यह कह रही है कि जहां रस्सियां, गोलियां और कुछ लोगों के पुराने कपड़े व जूते पड़े हैं, वह जगह एक टिफिन घर था। ऐसे में सवाल है कि क्या एक टिफिन घर को चुनवा कर सुरंग से एंट्री बनाई जाएगी? उसे क्यों छुपाया और दबाया जाएगा? ऐसा लगता है कि भाजपा आज भी भारतवासियों के साथ नहीं, बल्कि अंग्रेजों के साथ खड़ी है। भाजपा वाले कहते हैं कि अंग्रेजों के रिकॉर्ड में लिखा है कि वह टिफिन घर था। क्या भाजपा को लगता है कि अंग्रेज बड़े-बड़े अक्षरों में यह लिखकर जाते कि वे वहां छुपाकर अवैध और गैर न्यायिक तरीके से स्वतंत्रता सेनानियों को मारते थे और उनकी हत्या करते थे? आज अंग्रेजों के दस्तावेजों के आधार पर इसे फांसी घर न कहना भाजपा की इतनी बड़ी प्राथमिकता बन गई है कि वे पानी, प्रदूषण, सड़कों और प्राइवेट स्कूलों की फीस की समस्या को छोड़ चुकी है। आज दिल्ली के करदाताओं का पैसा और चुने हुए प्रतिनिधि इस बात में लगे हुए हैं कि अरविंद केजरीवाल को बुलाओ, उनसे सवाल पूछो कि अंग्रेजों का फांसी घर था या नहीं?

आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल तो मुख्यमंत्री थे और उन्होंने अपने कार्यकाल में हजारों फीते काटे होंगे। क्या अब भाजपा यह करेगी कि 10 साल में अरविंद केजरीवाल ने जहां-जहां उद्घाटन किया, वहां उन्हें बुलाकर उनसे सवाल जवाब किए जाएंगे? क्या दिल्ली की जनता ने भाजपा को इसलिए चुनकर भेजा है? दिल्लीवालों भाजपा को काम करने के लिए चुनकर भेजा है। आज प्रदूषण का बुरा हाल है। पिछले एक साल में जितना खतरनाक प्रदूषण हुआ, उतना उससे पहले 5 साल में नहीं हुआ। इसके लिए दिल्ली विधानसभा किसी को नहीं बुला रही है। घर-घर में गंदा पानी आ रहा है और इंदौर जैसा हादसा दिल्ली में होने का इंतजार किया जा रहा है। भाजपा इस पर किसी को सवाल जवाब के लिए नहीं बुला रही है।

आतिशी ने आगे कहा कि दिल्ली में सारी सड़कें टूटी हुई हैं, लेकिन भाजपा सड़कों के मामले में किसी भी इंजीनियर को समन नहीं कर रही है कि वे कैसी सड़कें बना रहे हैं जो जुलाई में बनीं और सितंबर में टूट गईं। उन्होंने चिराग दिल्ली के फ्लाईओवर का उदाहरण देते हुए कहा कि जुलाई में भाजपा मंत्री प्रवेश वर्मा ने खड़े होकर कहा था कि वे सड़क बनवा रहे हैं। वहां गड्ढे थे और जुलाई में बनी सड़क सितंबर में पूरी तरह टूट गई। उस पर जांच क्यों नहीं हो रही है? प्राइवेट स्कूलों ने त्राहि त्राहि मचाई हुई है। अगर बढ़ी हुई फीस न दी जाए तो दसवीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के एडमिट कार्ड रोके जा रहे हैं। इस पर भाजपा कुछ नहीं कर रही है। भाजपा का सिर्फ एक काम सुबह-शाम सिर्फ अरविंद केजरीवाल को गाली देना रह गया है।

भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए आतिशी ने कहा कि भाजपा में अगर हिम्मत है तो शुक्रवार को जब अरविंद केजरीवाल विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने आएं, तो उसकी कार्यवाही लाइव स्ट्रीमिंग करके दिखाएं। इससे दिल्ली वालों के सामने उनकी सारी पोल खुल जाएगी और सबको पता चलेगा कि भाजपा के पास सिर्फ अरविंद केजरीवाल को गाली देने का ही काम है। भाजपा को न तो बिजली की चिंता है, न पानी की, न सड़कों की और न ही अस्पतालों में दवाइयों की चिंता है, उन्हें सिर्फ अरविंद केजरीवाल को गाली देनी है। अगर भाजपा में हिम्मत है तो शुक्रवार को विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही को लाइव स्ट्रीम करें, ताकि सभी दिल्लीवासी और देशवासी भाजपा की सच्चाई देख सकें।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आतिशी ने कहा कि दिल्ली की जनता प्रदूषण, गंदे पानी, टूटी सड़कों, कूड़े के पहाड़ और अस्पतालों में दवाइयों की कमी से जूझ रही है। लेकिन भाजपा सरकार को जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। भाजपा सरकार ने विधानसभा में अरविंद केजरीवाल को “फांसी घर” पर सवाल पूछने के लिए बुलाया है। हम भाजपा को चुनौती देते हैं कि जैसे विधानसभा की कार्यवाही प्रसारित होती है, ठीक उसी तरह इस विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही का भी लाइव प्रसारण कराइए। दिल्ली की जनता भी देखे कि कैसे उनके असली मुद्दों और परेशानियों से भागकर भाजपा सिर्फ अरविंद केजरीवाल को गालियां देने में व्यस्त है।

–आईएएनएस

पीएसके


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