‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ से महिलाएं हो रहीं आत्मनिर्भर


चमोली, 5 मार्च (आईएएनएस)। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार तमाम तरह की लाभकारी योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। सरकार का मकसद इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद चमोली में ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ के तहत महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं और अपना रोजगार चला रही हैं।

चमोली में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं अब अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। कौशल विकास की यह पहल महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से अब तक जिले की 200 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

प्रशिक्षण मिलने के बाद महिलाएं अपना छोटा-सा रोजगार भी शुरू कर रही हैं और परिवार पर भी आत्मनिर्भर बनकर अपना जीवन बहुत आसानी से यापन कर रही हैं।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को जूट बैग निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प और अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने की विधिवत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से या व्यक्तिगत स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू कर रही हैं।

बाजारों में जूट के बैग और अन्य उत्पादों की अच्छी मांग है, जिससे महिलाओं को नियमित आय प्राप्त हो रही है। इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार और समाज में भी उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। इसके अलावा प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं को उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन संबंधी जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकें।

महिलाओं का कहना है कि इस योजना से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और अब वे अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में सहयोग दे पा रही हैं।

लाभार्थी सीमा नेगी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने मुफ्त में सिलाई सीखी। वे अब सिलाई मशीन से जूट बैग सिलने का काम कर रही हैं। इसके अलावा महिलाओं के सूट और ब्लाउज सिलने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सरकार की यह मुहिम बहुत अच्छी पहल है। यहां पर प्रशिक्षण लेने के बाद हम आत्मनिर्भर हो रहे हैं। किसी पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।

–आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी


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