राजनीतिक दिग्गज बोले, महिला आरक्षण बिल एक स्वागत योग्य कदम


नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण बिल को लेकर पूरे देश में जोरदार समर्थन की लहर उठ रही है। राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग एक स्वर में कह रहे हैं कि यह बिल महिलाओं को शासन और फैसले लेने की प्रक्रिया में ज्यादा भागीदारी देगा। इससे न सिर्फ महिलाओं की आवाज मजबूत होगी, बल्कि देश के हर फैसले में समाज की जरूरतों को ज्यादा संवेदनशील और समावेशी तरीके से समझा और पूरा किया जा सकेगा।

संसद के विशेष सत्र में मोदी सरकार महिला आरक्षण बिल लाने की तैयारी कर रही है।

इस पर बात करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि भाजपा ने पंचायतों से लेकर संसद तक महिला आरक्षण बिल पास किया है और आने वाले चुनावों में इसका असर दिखाई देगा। पूरी पार्टी इसके क्रियान्वयन की दिशा में काम कर रही है। हमने गांवों में ड्रोन दीदी को बढ़ावा दिया है और पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की बेटियों को पायलट, इंजीनियर बनने और सुरक्षा बलों में सेवा देने के अवसर मिले हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और महिला सशक्तिकरण हमारी प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि यह कदम महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का एक मजबूत और स्पष्ट संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री ने एक बहुत ही मज़बूत और सीधा संदेश दिया है। जब नई संसद का गठन हुआ, तो उन्होंने सबसे पहला काम ‘महिला आरक्षण विधेयक’ पारित किया।

भाजपा नेता अश्विनी कुमार शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अपनी दिशा भटक गई है। पीएम मोदी का विरोध करते-करते उन्हें यह एहसास भी नहीं होता कि वे कब देश का ही विरोध करने लगते हैं। वे महिलाओं को सशक्त बनाने की बात तो करते हैं, लेकिन जब महिलाओं से जुड़े मुद्दों की बात आती है, तो वे पीछे हट जाते हैं।

यूपी के मंत्री दया शंकर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए संसद और राज्य विधानसभाओं में उन्हें 33 फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया है। यह महिलाओं और उनके नेतृत्व के लिए एक बड़ा क्रांतिकारी कदम है।

–आईएएनएस

डीकेएम/डीएससी


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