किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मंगलवार को पकड़े गए खुद को डॉक्टर बताने वाले इंटर पास हस्साम अहमद का इतिहास पुलिस खंगाल रही है। दो वर्षों से वह किसके संरक्षण में संस्थान में सक्रिय था यह भी पता लगाया जा रहा है। उसके मोबाइल और लैपटॉप के बारे में भी पुलिस पता लगा रही है।
मंगलवार को केजीएमयू प्रशासन ने परिसर में एमबीबीएस डॉक्टर बनकर घूम रहे मड़ियांव के अजीज नगर निवासी हस्साम अहमद को पकड़ा। पूछताछ में उसके पास से पास डिग्री नहीं मिली। उसने कुछ दस्तावेज दिखाए जो फर्जी निकले। हस्साम को पुलिस को सौंप दिया गया। अब पुलिस उसके बारे में पता लगा रही है।दो वर्षों से संस्थान में सक्रिय आरोपित की गतिविधियों के साथ ही संस्थान में उसके संपर्कों के बारे में चौक पुलिस ने छानबीन शुरू की है। प्रारंभिक जांच में उसने कुछ लोगों के नाम बताए हैं पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटा रही है।
डॉ. रमीजुद्दीन से कनेक्शन की तलाश
कुछ ही दिनों पहले केजीएमयू में जूनियर छात्रा का दुष्कर्म और शोषण करने के साथ ही उसके मतांतरण का प्रयास करने वाले डॉ. रमीजुद्दीन को जेल भेजा गया था। पुलिस हस्साम और रमीजुद्दीन के आपसी कनेक्शन को खंगाल रही है। आशंका है कि वह रमीज से भी संपर्क में था।
