Saturday, February 21, 2026

मध्य प्रदेश में पीएम श्री पर्यटन वायुसेवा की शुरुआत, हवाई पट्टी वाले जिलों में खुलेंगे पायलट प्रशिक्षण केंद्र


भोपाल, 13 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में गुरुवार को बड़ी सौगात मिली है। यहां पर्यटन केंद्रों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ऐलान किया है कि जिन जिलों में हवाई पट्टी हैं वहां पायलट प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भोपाल से जबलपुर जाने वाली पहली फ्लाइट का शुभारंभ किया। यह फ्लाइट भोपाल से जबलपुर होकर रीवा जाएगी, वहां से सिंगरौली लैंड होगी। भोपाल एयरपोर्ट पर टिकट बुकिंग काउंटर का भी शुभारंभ किया गया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राज्य में विकास की उड़ान जारी है। पहले स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एयर एंबुलेंस की शुरुआत की गई है और अब पर्यटन के क्षेत्र में पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा शुरू हो रही है। सेवा से पर्यटन, खेल और उद्योग जगत में बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने आगे कहा कि इस वायु सेवा के शुरू होने से रोजगार के अवसर भी शुरू होंगे। जिन जिलों में हवाई पट्टियां हैं, वहां पायलट प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे और इसके लिए शिक्षा विभाग से डिप्लोमा की योजना को भी अमल में लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के शुरू होने से पर्यटकों को सुविधा होगी, कम समय भी लगेगा। जिन स्थानों पर पहुंचने में कई घंटे लगते थे, आप वहां कुछ हे मिनटों में पहुंचा जा सकेगा।

इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, राज्य मंत्री कृष्णा गौर, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति एवं प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड के शिव शेखर शुक्ला, प्रबंध संचालक पर्यटन विकास निगम डॉ. इलैयाराजा टी. सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के तहत प्रदेश के आठ शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इस सेवा का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर मेसर्स जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड (फ्लाईओला) द्वारा किया जा रहा है।

–आईएएनएस

एसएनपी/एसकेपी


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