नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से फोन पर बात की। इस बातचीत में भारत-नीदरलैंड संबंधों को और गहराई देने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।
रॉब जेटेन के साथ बताचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीकी, जल, ऊर्जा और प्रतिभा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। साथ ही पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी विचार किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “सोमवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से बात करके खुशी हुई। हमने भारत-नीदरलैंड संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। हमने सेमीकंडक्टर, बड़े जल प्रोजेक्ट, ग्रीन हाइड्रोजन और टैलेंट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में अपनी साझेदारी की संभावनाओं पर जोर दिया।”
पीएम ने लिखा, ”हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया।”
इस बातचीत में हाई-टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।
सेमीकंडक्टर एक रणनीतिक फोकस के तौर पर उभरा, क्योंकि भारत घरेलू चिप निर्माण को बढ़ावा दे रहा है और नीदरलैंड उन्नत सेमीकंडक्टर उपकरणों और टेक्नोलॉजी में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है।
ग्रीन हाइड्रोजन चर्चा का एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र था, जो भारत के राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार और बुनियादी ढांचे में नीदरलैंड की विशेषज्ञता के अनुरूप है।
पीएम मोदी ने बड़े जल परियोजनाओं पर भी चर्चा की, जहां बाढ़ प्रबंधन, डेल्टा तकनीक और टिकाऊ जल समाधानों में नीदरलैंड अनुभव भारत की जल सुरक्षा और जलवायु लचीलेपन के प्रयासों में महत्वपूर्ण सहयोग दे सकता है।
दोनों देशों के बीच कुशल पेशेवरों और छात्रों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए टैलेंट मोबिलिटी पर भी चर्चा हुई।
आर्थिक और तकनीकी सहयोग के अलावा, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
यह फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-नीदरलैंड के संबंध कई क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे हैं।
नीदरलैंड व्यापार, निवेश, जल प्रबंधन, कृषि और हाई-टेक क्षेत्रों में भारत का एक मूल्यवान साझेदार रहा है। उम्मीद है कि यह चर्चा नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करेगी।
यह बातचीत टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी और वैश्विक शांति को आगे बढ़ाने के लिए समान विचारधारा वाले देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी बनाने के भारत के सक्रिय दृष्टिकोण को रेखांकित करती है।
–आईएएनएस
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