प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने सशस्त्र बलों और राजनीतिक क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। खंडूरी (91) का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को देहरादून के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं।
सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक क्षेत्र तक, उन्होंने अमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा,” प्रधानमंत्री ने कहा कि खंडूरी उत्तराखंड के विकास के लिए हमेशा समर्पित रहे, जो उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मोदी ने कहा, ”केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने देश भर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए लगातार अथक प्रयास किए। दुख की इस घड़ी में, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति!”
आदित्यनाथ ने भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर जताया दुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर मंगलवार को गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्री भुवन चन्द्र खंडूरी जी का निधन अत्यंत दु:खद है। विनम्र श्रद्धांजलि।” उन्होंने कहा, ”प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।ॐ।”
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। खंडूरी दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 2007 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद खंडूरी मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, 2009 में उन्होंने लोकसभा चुनाव में राज्य की पांच सीट पर पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में, 2011 में भाजपा ने उन्हें फिर से राज्य की कमान सौंपी। खंडूरी केंद्रीय मंत्री भी रहे। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में वह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री रहे। देश के चारों हिस्सों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए बनाई गई स्वर्णिम चतुर्भुज योजना का श्रेय उन्हें दिया जाता है।
