नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। फिलीपींस की विदेश मंत्री मा थेरेसा लाजारो ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ फोन पर बातचीत की। लाजारो ने दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत को काफी प्रोडक्टिव बताया। इस बातचीत के दौरान दोनों के बीच नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सकारात्मक समझ बनी।
लाजारो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हाल की बातचीत के आधार पर, हम अपने नाविकों की सुरक्षा और अपनी एनर्जी सप्लाई की सुरक्षा पर एक सकारात्मक समझ पर पहुंचे हैं।”
पिछले महीने, फिलीपींस सरकार ने कहा था कि लगभग 7,300 फिलिपीनो नाविक मिडिल ईस्ट के गंभीर खतरों वाले इलाकों में थे, जिसमें अरब की खाड़ी, होर्मुज की खाड़ी और ओमान की खाड़ी शामिल हैं।
ईरान की सेना के कमांडर-इन-चीफ ने ऑपरेशनल हेडक्वार्टर से कहा है कि वे अमेरिका और इजरायल की हर पल की हरकतों पर नजर रखें, ताकि जमीनी हमले का सामना किया जा सके।
ईरान की सरकारी आईआरएनए न्यूज सर्विस ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें सुरक्षा बल प्रमुख आमिर हतामी को दूसरे सैन्य नेताओं के साथ मीटिंग करते हुए दिखाया गया है।
आईआरएनए ने हतामी के हवाले से कहा, “अगर दुश्मन जमीनी ऑपरेशन करने की कोशिश करता है, तो एक भी आदमी जिंदा नहीं बचना चाहिए।”
समरी में आगे कहा गया, “दुश्मनों की हरकतों और एक्शन पर पूरी सटीकता से हर पल नजर रखना और दुश्मन के हमले के तरीकों का मुकाबला करने के लिए प्लान बनाना जरूरी है।”
दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन ने ईरानी सेना को खत्म कर दिया है और वह अपने युद्ध के मकसद को पूरा करने के करीब है। ट्रंप के यह कहने के बाद ही ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों के नए हमले शुरू कर दिए हैं।
देश के नाम संबोधन देने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि तेहरान ने सीजफायर के लिए कहा था। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे से साफ इनकार कर दिया था।
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि उनके देश का अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों के लोगों के प्रति कोई दुश्मनी का भाव नहीं है।
–आईएएनएस
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