हैदराबाद, 4 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना में हाल ही में दिए गए उनके कुछ बयानों को लेकर चल रहे विवाद के बीच स्पष्टीकरण देते हुए आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने कभी भी ऐसी राजनीति का समर्थन नहीं किया, जो तेलंगाना को अस्थिर करने का प्रयास करती हो।
उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना और यहां के लोगों के हितों पर उनका रुख हमेशा एक जैसा रहा है।
पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर कुछ चिंताएं उठाई गईं, लेकिन उन्होंने धारा 8 के कार्यान्वयन का स्पष्ट रूप से विरोध किया, क्योंकि उनका मानना था कि इससे तेलंगाना के लोगों के आत्मसम्मान और स्वशासन के अधिकार को ठेस पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से यही मानना रहा है कि तेलंगाना के लोगों की आकांक्षाओं और अधिकारों का सम्मान करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि आंध्र प्रदेश के लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान करना। उनका मानना था कि धारा 8 जैसे प्रावधानों को लागू करने के बजाय विशेष समन्वय तंत्र, संसदीय निगरानी और दोनों राज्यों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने के उपाय अधिक रचनात्मक और स्थायी समाधान प्रदान करेंगे।
उन्होंने कहा, “मैंने कभी भी तेलंगाना को अस्थिर करने वाली राजनीति का समर्थन नहीं किया है। मेरा हमेशा से यही मानना रहा है कि आपसी सम्मान, शांति, सहयोग और भाईचारे की भावना के माध्यम से दोनों तेलुगु राज्यों के लोगों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए।”
तेलंगाना स्थापना दिवस (2 जून) के अवसर पर हैदराबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जो कुछ टिप्पणियां कीं, उनकी विभिन्न दलों के नेताओं ने कड़ी निंदा की।
हैदराबाद में पुलिस द्वारा शांति भंग होने की आशंकाओं का हवाला देते हुए सार्वजनिक सभा की अनुमति देने से इनकार करने के बाद जन सेना नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
इसी बीच, पवन कल्याण ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि 2008 में उन्होंने प्रजा राजयम पार्टी (पीआरपी) की युवा शाखा युवा राजयम के लिए एक मजबूत युवा विंग संरचना की योजना बनाई थी।
उन्होंने लिखा कि जन सेना पार्टी की स्थापना के 12 साल बाद, कई कठिनाइयों और संघर्षों के बावजूद, कार्यकर्ता अब काफी अनुभवी और परिपक्व हैं, जो संगठनात्मक जिम्मेदारियों को संभालने, राजनीति को संभालने, सार्वजनिक मुद्दों को संबोधित करने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने तेलंगाना युवा राजयम की युवा शाखा को हार्दिक धन्यवाद दिया और विशेष रूप से उन युवाओं को धन्यवाद दिया जिन्होंने उन पर विश्वास किया और 2005 से अब तक उनका साथ दिया है। उन्होंने ईमानदारी, प्रतिबद्धता और देशभक्ति से परिपूर्ण युवा, ऊर्जावान नेताओं के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।
उन्होंने आगे कहा, “नया भारत, पीढ़ी दर पीढ़ी के अद्भुत नेताओं का उदय देखेगा। यह पीढ़ी तुष्टीकरण की राजनीति, वंशवाद की राजनीति, जातिगत राजनीति, विभाजनकारी राजनीति और क्षेत्रीय राजनीति से थक चुकी है। यह पूरी पीढ़ी ऐसे नेताओं की तलाश में है जो जिम्मेदारी लें और जवाबदेही की राजनीति को बहाल करें, न कि ऐसे नेताओं की जो वैश्विक मंचों पर भारत को कमजोर करें। वे एक मजबूत और सशक्त भारत की कामना करते हैं।”
–आईएएनएस
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